गोसदन के भीतर गोवंश के नाजुक अंगों को तेजधार हथियार से काटा गया था। इस बात का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। नाजुक अंग कट जाने से बैल का खून काफी बह गया और कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के लिए तीन सदस्यीय टीम की कमेटी ने यह शुरूआती रिपोर्ट सोमवार को पुलिस महकमे को सौंप दी।
हालांकि, एफएसएल जुंगा भेजी गई रिपोर्ट अभी नहीं आई है। इससे स्पष्ट हो गया कि किसी ने जानबूझ कर इस कृत्य को अंजाम दिया है। इस बात का अब तक खुलासा नहीं हो सका है कि किसी ने इस कृत्य को क्यों अंजाम दिया है। उधर, शिमला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हए छह टीमों का गठन किया है।
सोमवार दोपहर तक 151 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी थी। मुखबिरों का जाल बिछा दिया गया है। स्थिति पर पूरी नजर पुलिस रख रही है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि इस मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। रविवार को अज्ञात लोग भट्टाकुफर के नजदीक एक गोसदन से बैल की पूंछ और शरीर का कुछ हिस्सा काटकर ले गए थे।
घटना रविवार तड़के की बताई जा रही है। सुबह सात बजे एक शख्स ने गोसदन में बैल को कराहते देखकर इसकी सूचना समिति के प्रधान और स्थानीय लोगों को दी। थोड़ी ही देर में यहां लोगों का हजूम उमड़ पड़ा। इससे पहले लोग कुछ कर पाते बैल ने दम तोड़ दिया।
एसपी ने टीम के साथ मौके का मुआयना किया और अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना ढली में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी ने बताया कि इस मामले में अब तक 151 संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इस मामले में विशेष टीमें बनाई गई हैं। इस कृत्य में संलिप्त सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।