एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में आरोपी पाते हुए नगर परिषद सोलन के एसडीओ और जेई को मंगलवार को गिरफ्तार किया है।
राजधानी शिमला में गंदे पानी की सप्लाई से पीलिया फैलने को जिम्मेदार लोगों के बाद अब सोलन पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में आरोपी पाते हुए नगर परिषद सोलन के एसडीओ और जेई को मंगलवार को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि शिमला में अश्वनी खड्ड के पानी की सप्लाई पर प्रतिबंध होने के बावजूद सोलन शहर में गंदे पानी की सप्लाई दी जाती रही। हालांकि, प्रशासन पहले तो सप्लाई को साफ बताता रहा, लेकिन बाद में पीलिया के मामले सामने आने के बाद अश्वनी के पानी पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
मंगलवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है। इसकी पुष्टि डीएसपी सोलन अमित कुमार ने की है। जनवरी माह में अश्वनी खड्ड के पानी की सप्लाई से सोलन शहर और आसपास के इलाकों में पीलिया का प्रकोप बढ़ा था।
लापरवाही के चलते 600 लोगों को हुआ था पीलिया
600 से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आ गए थे।
600 से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आ गए थे। कुछ मौतें भी हुई थीं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने पीडि़तों को अन्य गंभीर बीमारी होने का तर्क देता रहा। एसआईटी ने जांच के बाद नगर परिषद, आईपीएच के अधिकारियों और कर्मचारियों पर मुकदमा दायर किया था।
अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करते हुए मंगलवार को पुलिस ने नप सोलन के एसडीओ नंदलाल एवं जेई भीमसेन को गिरफ्तार कर लिया हैं। इससे पहले सोलन पुलिस आईपीएच के दो अफसरों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले चुकी है।
यह हैं आरोप
सोलन शहर में पेयजल वितरण को लेकर नप के अधिकारी निशाने पर हैं। स्टोरेज टैंकों में बेतरतीब ढंग से पानी खुले में स्टोर करने, सीवरेज और पानी की पाइपों को साथ-साथ गुजारने और अश्वनी खड्ड के पानी पर समय पर प्रतिबंध आदि के कई आरोप नप और आईपीएच के अधिकारियों पर भी लगे हैं।