विचाराधीन कैदी जंगल से गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस हिरासत से फरार विचाराधीन कैदी को 48 घंटे के भीतर ड्रोन की मदद से पकड़ लिया गया है। कैदी डाडी राम उर्फ सागर (37) पुत्र टिलू चंद, जिला जजरकोट आंचल बेरी, नेपाल निवासी तारादेवी के जंगल से पुलिस की गिरफ्त में आया। वह 17 नवंबर को सुबह 11 बजे चक्कर कोर्ट में पेशी के लिए लाते समय तवी मोड़ से पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भाग गया था।
वीरवार को भी पुलिस ने जंगल में सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई पता नहीं चला। शुक्रवार को ड्रोन की मदद से पुलिस टीमों ने तारा देवी, शोघी तथा आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया। कैदी तारादेवी माता मंदिर के पास लगे टावरों के नीचे घने जंगल में दिखाई दिया। पुलिस कर्मचारियों के साथ खोजी कुत्ते उस दिशा में भेजे गए। थाना से गठित टीमों, त्वरित प्रतिक्रिया दल तथा छठी भारतीय रिजर्व वाहिनी के कर्मचारियों ने पूरे जंगल की घेराबंदी कर दी।
ड्रोन की आवाज सुनकर कैदी पेड़ों के पीछे छिप गया था। काफी समय बाद कैदी दोबारा दिखाई दिया। इस पर पुलिस टीमों ने आपस में फोन पर कैदी के बारे में सूचना दी। पुलिस को देखकर कैदी घने जंगल की तरफ भाग गया और ढांक से कूद गया। पुलिस जवानों ने भी ढांक में छलांग लगाकर नाले से कैदी को पकड़ लिया। उधर, डीएसपी हेडक्वार्टर कमल किशोर वर्मा ने बताया कि कैदी को तारादेवी के जंगल से पकड़ा है।
यह है पूरा मामला
फरार विचाराधीन कैदी ने 30 जुलाई, 2020 को उपमंडल ठियोग में सास से दुष्कर्म किया था। इसके बाद उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। हत्यारोपी एक साल से केंद्रीय कारागार कंडा में अंडर ट्रायल पर बंदी था। बुधवार सुबह उसे अदालत में पेश करने के लिए चक्कर कोर्ट लाया जा रहा था। तवी मोड़ के पास बस से उतरने के बाद पुलिस हिरासत से भागकर सड़क से जंगल की तरफ कूदकर फरार हो गया था।