हिमाचल के तीन फ्लोर मिल मालिकों की कारगुजारी से हजारों एपीएल उपभोक्ताओं को आटा नहीं मिला। केंद्र से गेहूं जारी होने के बाद सरकार ने पिसाई के लिए मिलों में भेजी, लेकिन मिल मालिकों ने गेहूं को डंप कर लिया।
इनमें दो मिलें कुल्लू और एक हमीरपुर जिले की है। सरकार ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन ने कुल्लू जिले की दो फ्लोर मिलों को वर्ष 2015-16 और 2016-17 के लिए गेहूं पिसाई के लिए दी थी।
हर माह कुछ मात्रा में गेहूं दी जाती थी। कम सप्लाई कर कुछ मात्रा में गेहूं बच जाती थी। सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन से कुल्लू की दो मिलों में से एक फ्लोर मिल मालिक के पास 1677 क्विंटल और दूसरी फ्लोर मिल के पास 2210 क्विंटल गेहूं उपलब्ध थी, लेकिन मार्च 2017 में एसडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी की दबिश में दोनों फ्लोर मिल में उक्त गेहूं या आटा नहीं पाया गया।
इस पर विभाग ने भुंतर और कुल्लू पुलिस थाना में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एएसपी निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि मामले में जांच जारी है। हमीरपुर फ्लोर मिल के खिलाफ अभी केस दर्ज नहीं हुआ है। सरकार ने मिल मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा है।
तीन रजिस्टर्ड फ्लोर मिलों को गेहूं पिसाई को दी गई थी। इन मिल मालिकों ने क्विंटल के हिसाब से गेहूं डंप कर दी। डीएफसी को मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कुल्लू जिले की दो मिल मालिकों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कर दिया है। - एम सुधा, निदेशक, खाद्य आपूर्ति विभाग