धर्मकोट से आठ किलोमीटर दूर करीब 2700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित त्रियुंड के पास गुफा बनाकर रह रहे रहस्यमयी रशियन साधु तिशिन दमित्री ने खुलासा किया है कि वह जादू-टोने से लोगों का इलाज करता था। तिब्बती मूल के लोग उसके ज्यादा भक्त थे। पुलिस जांच में बताया कि तिब्बती उसे अपना गुरु मानने लगे थे।
इसके अलावा विदेशी पर्यटकों को मन शांत रखने के उपाय बताता था। बाबा की झोंपड़ी एकांत में होने से विदेशियों का आना-जाना यहां लगा रहता था। विदेशी इलाज करवाने पर बाबा को विदेशी मुद्रा देते थे। बाबा इसे एक्सचेंज करवाकर अपना खर्चा चलाता था।
मैकलोडगंज में रह रहे तिब्बती बाबा को खाने-पीने की चीजों के अलावा भारतीय मुद्रा देते थे। ट्रैकिंग पर जाने वाले कई पर्यटक यहां रुकते थे। विदेशी पर्यटकों के बीच साधु की काफी पैठ बन गई थी। उधर, एएसपी डा. शिव कुमार ने कहा कि पुलिस गहनता से मामले की छानबीन कर रही है।