हिमाचल के जनताजीय जिला किन्नौर के निचार खंड में हुए एक दर्दनाक हादसे में मां बेटी की मौत हो गई है। हादसा सलारिंग में सोमवार देर रात हुआ। यहां एक मकान पर भारी भरकम चट्टानें गिर गई। हादसे में तीन और लोग भी घायल हो गए है।
दो घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भावानगर से आईजीएमसी शिमला रैफर कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार सलारिंग में सोमवार देर रात एक मकान पर भारी भरकम चट्टानें आ गिरी।
इससे दो मंजिला मकान पूरी तरह से टूट गया जबकि हादसे में विजय लक्ष्मी (31 साल) और उसकी दो साल की मासूम बेटी प्रियांशी की दबकर मौत हो गई। उसी मकान के दूसरे कमरे में सो रही 65 साल की परका देवी और विजय लक्ष्मी की बड़ी बेटी दिव्यांशी को सिर व मुंह पर गंभीर चोंटे आई हैं।
रेस्क्यू टीम ने निकाले घायल
वहीं, हादसे के समय घर में एक नेपाली मूल का नौकर मनबहादुर 32 साल ने चट्टानों की आवाज सुन कर बहार निकला और परिवार को भी बाहर बुलाने लगा। लेकिन तब तक चट्टानें मकान पर गिर चुकी थी।
सूचना मिलते ही भावानगर थाने से एएसआई रमेश चंद और एएसआई श्याम सिंह अपनी मेडिकल व रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और विजय लक्ष्मी तथा उसकी बेटी को मकान से बाहर निकाला।
वहीं, उसी मकान के दूसरे कमरे में सो रहे 65 साल की परका देवी और साढ़े चार साल के दिव्यांशी को गंभीर हालत में मकान से बाहर निकाला और उपचार के लिए भावानगर लाया गया। यहां से उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला भेजा गया।
प्रशासन ने दी फौरी राहत
एसपी किन्नौर राहुल नाथ ने कहा कि एक ही परिवार के दो लोगों की मौके पर मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि दो घायलों को शिमला रैफर कर दिया गया है।
इधर एसडीएम भावानगर नीलम दुल्टा ने कहा कि प्रशासन की और से फौरी राहत के तौर पर चारों को 40 हजार रूपये फौरी राहत जारी की गई है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को नाथपा के सलारिंग में राजस्व टीम को मौके का जायजा लेने के लिए भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि जिले में पहले भी चट्टानें गिरने से कई घर तबाह हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के हादसों के बाद प्रशासन से मिलने वाली मदद ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।