कुल्लू की आठ साल की गुड़िया के रेप और हत्याकांड में साइंटिफिक जांच में भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। तीन माह तक पुलिस परिजनों से सहयोग न मिलने की बात पर ही उलझी रही, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
सीसीटीवी फुटेज में बच्ची के साथ एक संदिग्ध प्रवासी युवक दिखा था। ये युवक कहां है, पुलिस इसे आज तक नहीं ढूंढ पाई है। और तो और इसे कोई पहचान भी नहीं रहा है। अब हाल ही में ज्वाइन करने वाली युवा आईपीएस अधिकारी शालिनी अग्निहोत्री ने घटनास्थल के दौरे के बाद सबूत हाथ लगने का दावा किया है।
शुक्रवार को उन्होंने गुड़िया के परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने दावा किया है कि कुछ अहम सबूत मिले हैं। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में स्वत: ही संज्ञान लिया था।
बीते दिन ही मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पुलिस ने हाईकोर्ट में पेश की है। इसमें कुल्लू की गुड़िया से रेप और हत्याकांड मामले में प्रवासी पर ही संदेह जताया है। साथ ही यह बात भी कही गई है कि मामले में गुड़िया के परिजनों से भी जांच में कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।
मामले में पुलिस ने घटना वाले दिन से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले कुछ प्रवासियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाने का दावा किया है। इससे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग भड़क गए और उन्होंने जांच के लिए गई पुलिस पर पथराव के साथ चक्का जाम कर दिया।
कुछ स्थानीय नेता भी इस मामले में उनके साथ हो गए और रोजाना धरने-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। धरना-प्रदर्शन का यह दौर करीब एक सप्ताह तक चला। दावा है कि झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे 150 परिवारों और घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
लेकिन संदिग्ध को पहचाने या घटना से जुड़ी कोई भी बात सामने नहीं आ पाई है। कागजों में घूम रहे इस केस में पुलिस सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य पहलुओं को भी खंगाल चुकी है। साइंटिफिक जांच में भी पुलिस कड़ियों को मिलाने में जुटी है। कई रिपोर्ट आने का इंतजार है।
गायब होने के चंद घंटों बाद हुई मौत
गत 29 अप्रैल को भुंतर क्षेत्र से लापता हुई झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली गुड़िया का शव 30 अप्रैल को मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गुड़िया की मौत सिर पर चोट लगने से हुई है और उसका यौन उत्पीड़न किया गया है। शव मिलने से करीब 18 से 20 घंटे पहले उसकी मौत हुई है। इससे साफ है कि गायब होने के चंद घंटों बाद ही गुड़िया की मौत हो चुकी थी।
जनता, परिजनों का सहयोग जरूरी: एसपी
पहले की गई पुलिस की जांच पूरी तरह प्रोफेशनल है। कुछ अहम सुराग मिले हैं। केस को सुलझाने में जनता और परिजनों का सहयोग बेहद जरूरी है। फुटेज में संदिग्ध का फोटो को क्लीयर करवाने के लिए नेशनल और विदेशी एजेंसियों को मामला भेजा जाएगा। - शालिनी अग्निहोत्री, एसपी कुल्लू