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सीपीआईएम दफ्तर में पुलिस की दबिश, तोड़फोड़

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विधानसभा के बाहर प्रदर्शनकारी एसएफआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने के बाद पुलिस ने बुधवार देर रात सीपीआईएम के राज्य मुख्यालय में भी दबिश दी। पार्टी के अनुसार पुलिस के जवान अचानक देर रात दफ्तर में आ गए और यहां जमकर तोड़फोड़ की।
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पार्टी का आरोप है कि कई कार्यकर्ताओं के साथ यहां भी मारपीट की गई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पार्टी ने पुलिस की इस कार्रवाई को शर्मनाक करार दिया। वामपंथी नेता व नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान, डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने वीरवार सुबह दफ्तर का दौरा किया।

पार्टी ने पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। वीरवार को शिमला में रोष रैली निकालकर भी पार्टी ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।

शिमला पुलिस के खिलाफ प्रदेश भर में प्रदर्शन

वहीं, विधानसभा के बाहर निहत्‍थे एसएफआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने वाली शिमला पुलिस के खिलाफ प्रदेश भर में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। एसएफआई ने हिमाचल के तकरीबन सभी कॉलेजों में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी और धरना प्रदर्शन किए।

इकाई की राज्य कमेटी ने विधानसभा घेराव के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने संगठन के नेताओं को निशाना बनाकर गिरफ्तार किया। उन्हें पूरी रात हिरासत में लेकर पीटा गया।

इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष वी शिवादासन, राज्य अध्यक्ष पुनीत धांटा, राज्य सह सचिव चंद्रकांत वर्मा, राज्य सचिव सुरेश सरवाल, विवि इकाई अध्यक्ष राहुल चौहान, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कपिल भारद्वाज को गंभीर चोटें आई हैं। राज्य सहसचिव विजय राठौर का हाथ तोड़ दिया है। एसएफआई के राज्य उपाध्यक्ष विवेक राणा ने कहा कि पुलिस ने बुधवार रात को 16 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और बालूगंज थाने में उनके साथ मारपीट की गई।
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सरकार के इशारे पर चल रही पुलिस

राणा का आरोप है कि विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पत्थराव भी किया। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई करार दिया। कहा कि एसएफआई इसे सहन नहीं करेगी।

सरकार और पुलिस प्रशासन की इस शर्मनाक कार्रवाई को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन होंगे। एसएफआई आने वाले पंचायती राज चुनाव में सरकार के इस घिनौने चेहरे को आम जनता के बीच बेनकाब करेगी।

उन्होंने गिरफ्तार किए कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं को रिहा करने की मांग की। राणा ने कहा कि इस लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को नादौन, बड़सर, कज्याण, नाहन, पावंटा साहिब, सोलन, एचपीयू और शहर और जिला के कॉलेजों में प्रदर्शन किया गया।
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