जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ बुधवार को जिला सत्र एवं न्यायालय धर्मशाला में राष्ट्रद्रोह का मुकद्दमा दायर किया गया है। सेना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर पूर्व सैनिक सूबेदार काहन सिंह, सेवानिवृत्त जेसीओ शमशेर चंद शर्मा, सेवानिवृत्त कैप्टन कर्म सिंह धीमान और पूर्व कैप्टन मदन चंद की शिकायत पर यह मुकदमा दायर किया गया है।
मामले की सुनवाई 12 अप्रैल को तय की गई है। पूर्व सैनिकों के अधिवक्ता विश्व चक्षु ने बताया कि काहन सिंह ने बीते 11 मार्च को लीगल नोटिस जारी कर कन्हैया को सेना से माफी मांगने या 15 दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा था। कन्हैया ने न नोटिस का जवाब दिया और न ही पूर्व सैनिकों से माफी मांगी। काहन सिंह ने कहा कि कन्हैया ने सेना के जवानों को बलात्कारी कहा है।
इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। तीन बार देश के लिए जंग लड़ने के बाद अब उन्हें बलात्कारी करार दिया जा रहा है। यह शोभनीय नहीं है। संविधान के आर्टिकल 19 में कहीं भी नहीं लिखा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से आप किसी की भावनाएं आहत करें।
ये लगी हैं धाराएं
124ए : राष्ट्रद्रोह
499 : मानहानि
500 : मानहानि पर सजा का प्रावधान
504 : किसी की बेइज्जती कर शांति भंग करना
505 : अफवाह फैलाना
511 : भड़काने की कोशिश करना