पड़ोस में रहने वाले युवक ने बड़ी ही बेरहमी से बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी गला रेतने के बाद लाश को ठिकाने लगा था कि तभी महिला के परिजनों ने उसे देख लिया। आरोपी लाश मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
हत्या की यह सनसनीखेज वारदात हिमाचल के जिला चंबा के भटियात में अंजाम दी गई। यहां नैनीखड्ड पंचायत के कैहलू गांव में एक वृद्धा की उसके पड़ोसी ने निर्मम हत्या कर दी। कातिल ने इस वारदात को वृद्धा के घर से कुछ ही दूरी पर खेतों में उस समय अंजाम दिया जब वृद्धा अपने मवेशियों को चराने वहां गई हुई थी।
वृद्धा की पहचान जल्लो देवी उम्र 65 वर्ष पत्नी स्वर्गीय ज्ञान चंद के रूप में हुई है। शनिवार की शाम वृद्धा के साथ गए मवेशी घर वापस लौट आए, लेकिन वृद्धा नहीं लौटी। जब घर में मौजूद वृद्धा की बहुओं ने उसकी तलाश शुरू की तो उनके घर से कुछ ही दूरी पर खेतों में खून से लथपथ जल्लो देवी की लाश बरामद हुई।
आरोपी गिरफ्तार, हत्या के कारणों का पता नहीं
हत्या के बाद लोगों ने राजकुमार को यहां से भागते हुए देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना अपने परिजनों को दी, जिन्होंने पुलिस को इस बारे में इतलाह की। पुलिस घटना स्थल पर आ पहुंची, जहां घटना स्थल का जायजा लेने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की शुरूआती जांच में कैहलू गांव के ही रहने वाले राजकुमार पुत्र फरंगु राम पर इस वारदात को अंजाम देने के आरोप में पकड़ा। शक के आधार पर पुलिस ने सख्ती से राजकुमार से पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया।
राजकुमार ने पुलिस को दराट से जल्लो देवी की हत्या करने की बात कबूल की है। इसकी पुष्टि करते हुए एसपी चंबा डीके चौधरी ने बताया कि भादंसं की धारा 302 के तहत आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उसे रिमांड पर लेने की दलील दी जाएगी ताकि इस मामले पर से रहस्य उठाया जा सके।
मां-बेटे ने की वृद्धा और उसके बेटे की पिटाई
वहीं, उपमंडल तीसा में एक वृद्ध महिला के घर में घुसकर मां-बेटे ने उसकी पिटाई कर डाली। इसके बाद जब पीड़ित वृद्धा के बेटे ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो मां-बेटे ने एक अन्य महिला के साथ मिलकर उसकी भी पिटाई कर दी।
यह मामला उस समय सामने आया जब चतर सिंह पुत्र जर्म सिंह निवासी सनवाल अपनी शिकायत लेकर तीसा थाना में पहुंचा। उसने शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि शाम के समय जब वह अपने घर की दूसरी मंजिल पर मौजूद था, तो उसने अपने घर में शोर सुना। इसकी सुध लेने पर उसे पता चला कि उसी के गांव के रहने वाले कर्म चंद पुत्र बृज लाल और रूबी पत्नी बृज लाल उसकी मां से मारपीट कर रहे थे।
बीच बचाव करने के लिए वह भी उनके बीच जा पहुंचा लेकिन पहले से ही मारपीट करने के इरादे से आए कर्म चंद और उसकी मां रूबी ने एक अन्य महिला पिंकी उर्फ मानदेई के साथ मिलकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। इससे उसे और उसकी मां को चोटें आई हैं।