सांसद वीरेंद्र कश्यप का स्टिंग ऑपरेशन करने वाले दो पत्रकारों को विजिलेंस ने नोटिस जारी किया है। इनसे विजिलेंस पूछताछ करेगी।
ये पत्रकार कालका और रुड़की के रहने वाले हैं। 2009 में लोकसभा चुनावों के दौरान इन दोनों ने ही सोलन के एक होटल में एक स्टिंग किया था।
इस दौरान बनाई गई सीडी में वीरेंद्र कश्यप पर एक निजी शिक्षण संस्थान की मंजूरी दिलाने के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया गया था। पहले इस मामले में पुलिस ने जांच में कश्यप को क्लीन चिट दे दी थी।
इसके बाद मार्च 2014 में विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 9 में वीरेंद्र कश्यप पर शिमला थाने में एफआईआर दर्ज की। जांच एजेंसी का कहना है कि उक्त दोनों मीडिया कर्मियों से पहले पूछताछ होगी।
इसमें जो तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर पूछताछ के लिए वीरेंद्र कश्यप को बुलाया जाएगा। इस सीडी की चंडीगढ़ स्थित फोरेंसिक लैब में भी जांच करवाई गई है। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है।
स्टिंग ऑपरेशन सोलन के एक निजी होटल में हुआ। इसमें सांसद को धनराशि लेते हुए दिखाया गया है। बाद में उन्हीं की पार्टी के एक कार्यकर्ता ने उक्त राशि सदर थाना सोलन में यह कहकर जमा करवाई कि यह होटल के कमरे में मिली।
मामले की जांच कर रहे एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने बताया कि नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पत्रकारों से पूछताछ के बाद ही सांसद से पूछताछ होगी।