चंबा जिला अस्पताल में बड़ी अव्यवस्था सामने आई। अस्पताल में पानी की व्यवस्था न होने से रेफर किए गए तीसा हादसे के दो गंभीर घायल घंटों तक ईलाज के लिए तड़पते रहे।
इनके ऑपरेशन नहीं हो पाए। अस्पताल प्रशासन ने इन्हें वीरवार दिन में ही ऑपरेशन करने का आश्वासन दिया था, मगर ऑपरेशन थियेटर में पानी ही नहीं आ पाया।
दोपहर दो बजे तक पानी की व्यवस्था कर पाने में असफल अस्पताल प्रशासन ने इन्हें टांडा रेफर कर दिया है। मगर प्रशासन की मदद न मिलने से दोनों अस्पताल में ही बिना ऑपरेशन के दर्दनाक हालत में पड़े हैं।
10 दिन से ऑपरेशन थिएटर में नहीं आ रहा पानी
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन थियेटर में बीते 10 दिन से पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो रही है। ओटी में स्टाफ को पीने तक को पानी नहीं है। ओटी में खून से सने उपकरण भी बिना धोए पड़े हुए हैं।
आईपीएच विभाग जल्द समाधान की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। एसडीओ आईपीएच अमरेश गर्ग ने बताया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने अस्पताल का दौरा किया था। स्टोरेज टैंक खाली हो जाने के कारण समस्या पैदा हुई है। जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
उधर, अस्पताल के आर्थो सर्जन डा. प्रशांत राणा ने बताया कि सुबह ऑपरेशन की तैयारी कर ली गई थी, मगर पानी न आने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि दोपहर दो बजे दोनों मरीजों को टांडा रेफर करना पड़ा है।
मदद न मिलने के कारण नहीं जा पाए टांडा
अस्पताल में दाखिल गंभीर घायल के तीमारदार पीर मोहम्मद ने बताया कि वह गरीब परिवारों से संबंधित होने के कारण टांडा जाने का खर्च नहीं उठा सकते। इस कारण जिला अस्पताल में ही ऑपरेशन का इंतजार करने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि शाम पांच बजे तक प्रशासन की तरफ से उनका हाल पूछने कोई नहीं पहुंचा था और न ही उन्हें कोई मदद दी गई थी।
वहीं, एसडीएम चंबा बचन सिंह ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें इस स्थिति की जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी बात है तो तुरंत उचित व्यवस्था की जाएगी। ‘अमर उजाला’ के फोन के साथ ही शाम पांच बजे राजस्व अधिकारी तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और दो गंभीर घायलों को पांच-पांच हजार की मदद दी। पूरे दिन किसी अधिकारी ने उनका हाल नहीं पूछा।