जनाना पार्क में एक युवती के जलने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमके शर्मा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को अलग रखते हुए लाल जोहरा के आवेदन पर सीजेएम जम्मू को आगे की कार्यवाही करने को कहा है।
अदालत ने यह आदेश लाल जोहरा द्वारा दायर रिविजन पिटीशन पर दिया। लाल जोहरा ने अपने वकील एके साहनी के मार्फत सीजेएम जम्मू की ओर से दो नवंबर 2015 को दिए एक फैसले के खिलाफ रिविजन पिटीशन फाइल की।
इसमें एसएचओ पक्का डंगा द्वारा पेश किए गए हाईकोर्ट के एक अंतरिम आदेश पर शिकायत को समाप्त कर दिया था। अंतरिम आदेश में कहा गया कि पुलिस को पीड़ित युवती के बयान रिकार्ड करने के निर्देश दिए गए थे, जब वह जिंदा थी। लेकिन बयान को किसी कार्यवाही में शामिल करने को नहीं कहा गया था।
एडवोकेट एके साहनी और असीम साहनी ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता ने धारा 302 के आरोपी संजय शर्मा के खिलाफ एक याचिका दायर की थी, जिसमें आरोप था कि जम्मू के जनाना पार्क में उनकी बेटी को जिंदा जला दिया गया।
चूंकि आरोपी गांधी नगर थाने के तत्कालीन एसएचओ का सगा भाई था, इसलिए पुलिस उसकी मदद कर रही है। हाईकोर्ट के आदेश पर पीड़िता के दूसरे बयान डीएमसी लुधियाना में उपचार के दौरान दर्ज किए गए।
इसमें पीड़िता ने स्पष्ट कहा कि कैसे आरोपी ने उसे जिंदा जलाया। बयान दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। न उसे गिरफ्तार किया गया और न ही उसके खिलाफ कोई चालान पेश किया गया। वकील के अनुसार इसी कारण सीजेएम कोर्ट में फिर से याचिका दायर की गई।