साल 2008 में शिमला के साथ लगते सावड़ा में हुए बहुचर्चित गोलीकांड में अदालत ने चार व्यक्तियों को आरोपी मानकर विभिन्न धारों के तहत सजा सुना दी है। सभी आरोपियों को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई है।
2008 में सावड़ा कुडडू प्रोजैक्ट में चल रही हड़ताल को रुकवाने व कुछ मजदूर नेताओं को हत्या के प्रयास में फंसाने का षडयंत्र किया गया था। इसी षडयंत्र के तहत निर्माण में लगी निजी कंपनी के पूर्व डीजीएम एचके सिंह पर रोहडू निवासी रोहित कामटा, प्रमोद नेगी व प्रदीप कुमार ने देसी कट्टे से गोली चलाई थी।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि षडयंत्र में रोहित कामटा, प्रमोद नेगी व प्रदीप कुमार के साथ पूर्व डीजीएम एचके सिंह भी शामिल था। अब जेएमआईसी जुब्बल धीरू ठाकुर ने चारों व्यक्तियों को आरोपी मानकर सजा सुना दी है।
तीनों को आर्म्स एक्ट की धारा के तहत तीन साल का कारावास व एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त आईपीसी की धारा 182 व 120-बी के तहत एक माह की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
अदालत ने जुर्माना अदा करने के लिए आरोपियों को पंद्रह दिन का समय दिया है। पंद्रह दिनों में जुर्माना न देने पर पंद्रह दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है। मामले की जानकारी सहायक जिला न्यायवादी भैरव नेगी ने दी।