कोरोना के खतरे के बीच ज्यादातर लोग डर के मारे घरों से नहीं निकल रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लॉकडाउन और कर्फ्यू के नियमों को दरकिनार कर किसी न किसी तरह प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ठियोग क्षेत्र में सामने आया है।
यहां एक व्यक्ति 17 अप्रैल शाम को हरियाणा के पंचकूला से अपने ससुराल पहुंच गया। दो दिन तक उसने प्रशासन को इसकी सूचना तक नहीं दी। रविवार को पुलिस टीम व्यक्ति के ससुराल पहुंची और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया। उसे क्वारंटीन कर दिया गया है। डीएसपी कुलविंद्र सिंह ने मामले की पुष्टि की है।
उपमंडल के लब चौक पर पैदल चल रहे एक युवक को पुलिस ने पूछताछ के लिए रोका तो पता चला कि वह जीरकपुर से अपने घर हरिपुर को पैदल निकला है। युवक जीरकपुर में कार्य करता है और वहां से लिफ्ट लेकर हिमाचल सीमा में आ गया। हिमाचल में सख्ती होने के चलते वह पैदल ही घर को चल पड़ा। पुलिस ने युवक को संत निरंकारी भवन में स्थापित आईसोलेशन सेंटर में भर्ती करवाया है।
चोरी-छिपे घर पहुंचने से पहले ही उसे आईसोलेशन सेंटर पहुंचा दिया गया। इसके अतिरिक्त एक अन्य युवक को भी आईसोलेशन सेंटर में रखा गया है। एसडीएम जवाली सलीम आजम ने बताया कि अब आईसोलेशन सेंटर ढन में बाहरी राज्यों से आने वाले 13 लोगों को आईसोलेशन के लिए रखा गया है। उन्होंने समस्त पंचायत प्रधानों, सचिवों, वार्ड सदस्यों को सख्ती से निर्देश दिया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की सूचना प्रशासन को दें।
कंडाघाट में दो युवकों को कर्फ्यू तोड़कर बिना मास्क बाहर निकलना महंगा पड़ गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार टीम गश्त पर थी, इसी बीच एक कार वाकनाघाट की तरफ से आई, जिसे कर्फ्यू के दौरान अनुमति जांच के लिए रोका गया।
इसमें चालक विवेक शर्मा गांव पडोथा, मुकेश गांव मही बताया गया। उक्त दोनों के पास कर्फ्यू के दौरान बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। दोनों ने मास्क मुंह पर लगाने के बजाय गले में लटकाए थे। एएसपी सोलन डा. शिव कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
बगलैहड़ पंचायत सचिव की शिकायत पर एक व्यक्ति के खिलाफ जानकारी छिपाने व गलत सूचना देने का मामला दर्ज किया गया है। सचिव किरण भल्ला ने बताया कि पंचायत के अंबवाला गांव में लखविंदर सिंह पुत्र जरनैल सिंह 15 अप्रैल को अपने घर आया था और जानकारी नहीं दी। 17 अप्रैल को आशा वर्कर को जब जानकारी मिली तो वह लखविंदर के घर गई। पूछताछ में आशा वर्कर को गलत जानकारी दी गई।
लखविंदर ने बताया कि वह कोलांवाला टोबा तहसील नैनादेवी से आया है और उसने किसी व्यक्ति से बात करवाई जो इसके साथ काम करता है। लेकिन छानबीन में पता चला कि लखविंदर कोलांवाला हरियाणा में किसी कंपनी में जेसीबी ऑपरेटर का काम कर रहा था। जहां से वह अपने घर आया है। एसपी रोहित मालपानी ने कहा कि पुलिस ने पंचायत सचिव की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोरोना संक्रमण प्रभावित क्षेत्र के तहत रेड जोन घोषित बीबीएन के झाड़माजरी क्षेत्र में एक उद्योग में वाहनों से सामान का आदान-प्रदान करने पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार ईपीआईपी फेस-1 झाड़माजरी स्थित एक उद्योग में वाहनों के माध्यम से लोडिंग अनलोडिंग की जा रही थी, जबकि इस कंपनी के क्षेत्र को कोरोना संक्रमण प्रभावित क्षेत्र रेड जोन घोषित किया गया है। इसमें सभी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके यह उद्योग वाहनों के माध्यम से वस्तुओं का आदान प्रदान कर रहा था।
कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड कर्ण सिंह पुत्र रोशन लाल निवासी गांव मुरार जिला चंबा ने पूछने पर बताया कि ट्रक इसने कंपनी मालिक के कहने पर कंपनी के अंदर भेजा है। ट्रक मुंबई से आया है और यह ट्रक सामान खाली करके कंपनी से चला गया। पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने बताया कि कंपनी मालिक ने आदेशों की अवहेलना की है। जिस पर कंपनी प्रबंधन पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।