आर्थिक अपराध शाखा ने बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड के निदेशक को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान विनय शर्मा (42) गांव पीर सलूही, कांगड़ा के रूप में हुई है। विनय शर्मा का हिमाचल प्रदेश में कई कारोबार हैं।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने विनय शर्मा और आरके शर्मा के खिलाफ वर्ष 2016 में बाराखंभा थाने में 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। उस समय दोनों इंडियन टेक्नोमैक लिमिटेड के निदेशक थे। जांच करने पर पता चला कि आरोपी के खिलाफ 15 बैंकों को 1528 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने की शिकायत की है। जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। साथ ही अन्य बैंकों को 555 करोड़ का नुकसान पहुंचाने की शिकायत की है। हिमाचल प्रदेश में आरोपी के खिलाफ सीआईडी ने दो हजार करोड़ रुपये का उत्पाद शुल्क धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज किए थे।
पुलिस ने बताया कि छानबीन के दौरान पता चला कि जिन कंपनियों को आधार मानकर आरोपी बैंकों से लोन लेता था वे कंपनियां कहीं थी ही नहीं। वह जिन वाहनों को नंबर दिल्ली से हिमाचल प्रदेश सामानों को लाने और ले जाने के लिए बैंक को दिए थे सभी फर्जी निकले। यातायात विभाग की ओर से बताया गया कि दिए गए नंबर या तो स्कूटी के हैं या फिर मोटरसाइकिल के हैं। धोखाधड़ी में शामिल होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दी और शुक्रवार को आरोपी को कांगड़ा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर छानबीन कर रही है।