स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा पर मुकदमा चलाने को मंजूरी दे दी है। राज्य गृह विभाग ने अभियोजन मंजूरी की यह फाइल विजिलेंस ब्यूरो को भेज दी है।
वीरवार को ही यह विजिलेंस को मिल भी गई। अब पूर्व मुख्य सचिव रवि ढींगरा और पूर्व गृह सचिव डा. पीसी कपूर के खिलाफ अभियोजन मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
विजिलेंस ब्यूरो ने तीनों पूर्व अधिकारियों के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 197 के तहत अभियोजन मंजूरी मांगी थी। एएन शर्मा की फाइल गृह विभाग को भेजी गई थी, जबकि पूर्व आईएएस अधिकारियों रवि ढींगरा और डा. पीसी कपूर की फाइल कार्मिक विभाग के पास थी।
पूर्व मुख्यमंत्री को भी बनाया गया है आरोपी
राज्य गृह विभाग ने एएन शर्मा पर मुकदमा चलाने पर फैसला ले लिया है, जिसके बाद उनके खिलाफ अभियोजन मंजूरी की फाइल विजिलेंस ब्यूरो को भेज दी गई है। गृह विभाग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल भी आरोपी बनाए गए हैं। जैसे ही दो अधिकारियों की मंजूरी आ जाती है, वैसे ही कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा।
यह मामला एएन शर्मा को पूर्व भाजपा शासनकाल में पहले प्रीमेच्योर रिटायरमेंट की अरजी लेने और बाद में इसे खारिज करने का है।
विजिलेंस के अनुसार ऐसा इसलिए नहीं किया जा सकता था, क्योंकि इस बीच एएन शर्मा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के टिकट की रेस में थे।