प्रारंभिक जांच में दो लाख का घपला सामने आया है।
हिमाचल के जिला मंडी के सरकाघाट के नबाही माता मंदिर में करीब दो लाख रुपये का घपला हुआ है। वर्ष 2008 और 2013 में मंदिर के नाम पर छपवाई गई रसीद बुकें किसी भी रजिस्टर और कैशबुक में दर्ज नहीं हैं। न ही कार्यालय में इनका कोई रिकॉर्ड है।
सामान की खरीद और आय- व्यय का उल्लेख भी दर्ज नहीं है। सीआईडी ने प्रारंभिक जांच के बाद राजस्व विभाग के दो कानूनगो पर शिमला के भराड़ी थाना में केस दर्ज किया है। सीआईडी मंडी के डीएसपी मनोहर लाल ने इसकी पुष्टि है।
मंडी जिला के प्रसिद्ध नबाही माता मंदिर का वर्ष 2007 में प्रदेश सरकार ने अधिग्रहण किया था। मंदिर की देखरेख का जिम्मा मंदिर अधिकारी एवं तहसीलदार को सौंपा गया था। मंदिर अधिकारी ने इसकी जिम्मेदारी कार्यालय कानूनगो को दी थी।
मंदिर में धांधली की शिकायत पर सीआईडी ने अपने स्तर पर जांच की। प्रारंभिक जांच में दो लाख का घपला सामने आया है। सीआईडी की ओर से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपने के बाद 2008 और 2013 में कार्यरत कानूनगो के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।