हिमाचल की जेलों में आठ देशों के 105 विदेशी कैदी बंद हैं। ये अलग-अलग आपराधिक मुकदमे झेल रहे हैं या फिर सजा काट रहे हैं। इनमें सबसे अधिक 88 बंदी नेपाल मूल के हैं, जबकि बाकी 17 यूके, रूस, तुर्की, इजराइल, नाइजीरिया, लाइबेरिया और चीन शासित तिब्बत से हैं।
इनमें लाइबेरिया से नीरा, यूके से एडवर्ड सैम्युल, मार्क एटीला, रूस से तिशी दमित्री, तुर्की से यूमुत मुल्टू, इजराइल से गैब्रियेल डैमियेन और चीन शासित तिब्बत से एक कैदी धोलडोय छेरिंग है। नाइजीरिया मूल के 10 कैदी मार्वेलस ओसेज, ओबिचिको, जोसेफ ल्यारे, इमैनुअल ओसीयू, एडविन, किंग्सले, ओनियोमाची, अल्डयू, इमैनुअल पीटर और गुड न्यूज हैं।
इन सात देशों के 17 कैदियों में से सात कैदियों को सजा हो चुकी है और बाकी पर अदालतों में मुकदमे चल रहे हैं। इनमें से ज्यादातर भांग, अफीम आदि नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए हैं। दो विदेशियों को वीजा अवधि खत्म होने पर जेल जाना पड़ा है।
पड़ोसी देश नेपाल मूल के 88 कैदी हिमाचल की जेलों में बंद हैं। इन नेपाली नागरिकों में 34 सजायाफ्ता हैं और 54 अंडर ट्रायल हैं। इनमें अधिकतर चरस तस्करी के जुर्म में बंद हैं या हत्या, दुराचार, मारपीट जैसे गंभीर आरोपोें में मुकदमे चल रहे हैं।