हिमाचल के जिला हमीरपुर स्थित उप कारागार से 10 अगस्त को एक साथ पांच कैदी फरार होने में कामयाब हो गए। रेप, मर्डर, लूटपाट और चरस के मामलों में ट्रायल पर चल ये कैदी कई दिन से एक बड़ी साजिश रच रहे थे।
जांच में खुलासा हुआ है कि कुल सात कैदी तीन-चार से फरार होने की साजिश रच रहे थे। ये सभी जेल में तैनात पुलिसवालों पर नजर गढ़ाए थे। मौका मिलते ही फरार होने की ताक में थे।
इन सातों कैदियों ने फरार होने के बाद बंगाणा के पास पिपलू की धार में मिलने का प्लान भी बनाया था। पिपलू की धार में ही आगे की रणनीति तैयार की जानी थी।
चाय पीने के बाद गायब हुए कैदी
पुलिस के अनुसार रविवार के दिन जेल में जैसे ही चाय का समय हुआ। सभी कैदियों को जेल के प्रांगण में छोड़ा गया। इसी दौरान तैनात पुलिस कर्मी भी चाय पीने के लिए गेट के पास आ गए थे।
वहीं, मौके का फायदा उठा कर पांच कैदी फरार हो गए। कैदी करीब दो से तीन बजे के बीच फरार हुए। उधर, जेल में तैनात पुलिस कर्मियों को शाम सात बजे के करीब पता चला। पुलिस को फरार कैदियों के पिपलू की धार में मिलने के बारे में सोमवार को पता चला।
उसके बाद पुलिस ने उक्त स्थान पर दबिश दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सभी कैदी अभी भी फरार
जेल से फरार कैदी अभी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। कैदी रविवार दोपहर बाद से फरार हैं। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक खाली हाथ है। हर जिला में अलर्ट जारी के बाद भी कैदियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
पुलिस की टीमें विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही हैं, मंगलवार को भी पुलिस जवानों ने खोज के लिए विभिन्न स्थानों पर जंगलों की खाक छानी। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अजय सिंह बौद्ध ने कहा कि पुलिस जवान तलाश में लगे हुए हैं, और विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
उधर पुलिस अधीक्षक कारागार आरएस भाटिया का कहना है कि दो होमगार्डों को डयूटी से हटा दिया गया है। तैनात पुलिस कर्मचारियों के ब्यान कलमबद्ध किए जा रहे हैं। फरार कैदियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।