जिन मामलों में समझौता हो जाता है, उनका फॉलोअप होता रहता है, ताकि आगे दिक्कत न हो। समझौता न होने वाले मामलों को न्यायालय भेज दिया जाता है। मंडी जिला में तीन माह की अवधि में पारिवारिक कलह के 32 मामले सामने आए हैं।
वहीं पारिवारिक कलह के पीछे नशा भी एक है। 12 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। बात करें तो जिला मंडी में वैवाहिक मतभेद के प्रतिमाह औसतन तीन मामले सामने आ रहे हैं।
कुल मिलाकर अप्रैल से जून तक परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचे 32 मामलों में से एक दहेज उत्पीड़न, 12 मामले नशे की वजह से मारपीट करने, दस मामले घरेलू हिंसा जबकि नौ मामले वैवाहिक मतभेद के शामिल हैं।