सहारा इंडिया कंपनी में सैकड़ों खाताधारकों के करोड़ों रुपये फंस गए हैं। हैरानी की बात है कि मैच्योरिटी के बाद भी उपभोक्ताओं को उनकी देय राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर सहारा के कुछ एजेंटों समेत अन्य खाताधारकों ने इसकी शिकायत पुलिस थाना नाहन में की है। इस मामले में कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और धोखाधड़ी का केस दर्ज करने की मांग की है।
आरोप है कि सहारा इंडिया कंपनी की नाहन शाखा में पिछले कई सालों से खाताधारकों को उनकी जमा राशि नहीं लौटाई जा रही है, जबकि मैच्योरिटी के कई साल बीत चुके हैं। कंपनी की विभिन्न स्कीमों के तहत एफडी, आरडी के साथ एमआईएस के माध्यम से खाताधारकों से पैसा एकत्रित किया गया है। यह राशि करोड़ों में है। कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका 10 से 50 लाख तक जमा है।
खाताधारक जितेंद्र सिंह, विक्रम, बीर सिंह, अमर सिंह, कौशल्या देवी, ब्रह्मानंद, ममता, विक्रांत, सुखदेव, बबिता शर्मा आदि ने बताया कि कंपनी ने कम अवधि में अधिकतम ब्याज, रकम दोगुनी करने जैसे कई आश्वासन देकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया गया। खाताधारकों ने बताया कि कई खातों की मैच्योरिटी को पांच साल से ऊपर का समय बीत गया है, लेकिन कंपनी में तैनात कर्मचारी नया से नया बहाना बनाकर टालते आ रहे हैं।
अब तक शाखा कार्यालय के सैकड़ों चक्कर काटे जा चुके हैं, मगर शाखा के अधिकारी पैसा लौटाने में आनाकानी कर रहे हैं। खाताधारकों ने आरोप लगाया कि कंपनी में तैनात कर्मी अपने चहेतों के पैसे लौटा रहे हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की कि शाखा कार्यालय का पिछले पांच साल का रिकार्ड देखा जाए कि कितने खाताधारकों का भुगतान हुआ है और कितने लोगों के पैसे नहीं दिए जा रहे हैं।
खाताधारकों ने पुलिस से मांग की कि कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए। उधर, सदर थाना नाहन के एसएचओ मानवेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि खाताधारक उनसे मिले हैं। गुन्नूघाट पुलिस को मामले की छानबीन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।