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लोन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने से पहले पढ़ लें ये खबर

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यदि आप भी लोन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करते हैं तो जो जरा अलर्ट हो जाएं। ऑनलाइन लोन से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है कि जिसे जानने के बाद आपके होश उड़ जाएंगे। यह मामला शिमला का है। यहां एक बागवान से तीस लाख ठग लिए।
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शातिरों ने साजिश का जाल मध्यप्रदेश से बुना। जमीन खरीदने के लिए निजी फाइनेंस कंपनी के झांसे में आकर बागवान लाखों लुटा बैठा। बागवान को बेहद शातिराना अंदाज में जाल में फंसाया गया। शातिर मध्य प्रदेश भोपाल के रहने वाले हैं।

ठगी का शिकार हुए बागवान ने बताया कि वह प्रापर्टी डीलर का भी काम करता है। उसे छैला में एक 90 बीघा का सेब का बगीचा खरीदना था। इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। इसके लिए ऑनलाइन सर्च किया। इसमें एक निजी फाइनेंस कंपनी मनी मर्चेंट कारपोरेशन से संपर्क किया।
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ऐसे अंजाम दी गई ठगी की वारदात

इसके बाद उसे मनी मर्चेंट कारपोरेशन के नाम से कॉल आई। मई महीने में मनी मर्चेंट कारपोरेशन का पदाधिकारी बताकर अभिषेक, अमित कुमार और हेंमत मिश्रा नाम के व्यक्ति शिमला आए। जमीन देखी कहा कि जगह अच्छी है और आप का लोन स्वीकृत हो जाएगा।

आप भोपाल आए सारा खर्चा कंपनी का होगा। 24 मई को पीड़ित भोपाल पहुंचा। एयरपोर्ट पर हेमंत मिश्रा लेने आया। यह आदमी उस समय 45 हजार यह कहकर ले गया कि सुबह तहसील में सारा काम करने के बाद आप के पास सुबह 11 बजे आएंगे।

सुबह ग्यारह बजे तीन आरोपियों के अलावा एक लड़की भी थी जिसे वह अपनी बॉस बता रहे थे। पीड़ित ने आरोपियों से कहा कि आपके आफिस जाकर कागजी कार्रवाई कर लेते हैं लेकिन उन्होंने कहा कि आफिस यहां से 47 किलोमीटर दूर है। सारे काम तहसील ट्रेजरी में ही होने हैं इसलिए आफिस जाने की जरूरत नहीं। तहसील में सारा काम करने के बाद आप को लेने आएंगे। अगले दिन होटल में आए और तीस लाख लेकर चंपत हो गए।
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जूते पहनता रह गया बागवान

भोपाल में होटल में रुकने के बाद अगले दिन आरोपी होटल में आए और कहने लगे कि क्या वह प्रोसेंसिग फीस (30 लाख) लाए हैं। हां कहने पर उन्होंने कहा कि जल्दी चलो। वह जब तक जूते पहनने लगा तब तक एक आदमी ने पैसों से भरा बैग उठाया और कहने लगा कि आप आ जाओ हम बाहर गाड़ी में इंतजार कर रहे हैं जब वह बाहर गया तो सब फरार हो चुके थे।

शिमला की सैर भी बागवान के सिर पर
बागवान ने बताया कि आरोपी जब शिमला आए थे तो उन्हें अपने खर्चें पर ही होटल में ठहराया। इसके अलावा आरोपियों ने आनेजाने के खर्च के नाम पर तीस हजार भी ऐंठ लिए। इसके अलावा हेमंत मिश्रा नाम के व्यक्ति ने 25 हजार यह कहकर और ले लिया कि अगर हमें खुश कर देंगे तो आपका काम पक्का हो जाएगा। इसके बाद इन्हें ले जाकर वह जगह दिखाई जिसे वह खरीदना चाहता था।
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