शिमला शहर में बदमाशों को कानून व्यवस्था का कोई खौफ नहीं रह गया है। ऐसा ही वाक्या ढली चौक पर उस समय देखने को मिला जब थाना प्रभारी गाड़ियों की आवाजाही को दुरुस्त करने के लिए खुद मौके पर मौजूद थे।
एक निजी बस गलत जगह पर खड़ी थी, जब उसे स्टॉप पर खड़ा करने का आग्रह एसएचओ ने किया तो ड्राइवर और कंडक्टर आग बबूला हो गए। कंडक्टर लोहे की रॉड लेकर मारने के लिए एसएचओ के पीछे भागा।
कंडक्टर की इस हिमाकत को देख एसएचओ भी कुछ पल के लिए सहम गए।
पकड़ने के बाद छोड़ा आरोपी
हालांकि, थोड़ी ही देर में पुलिस ने आरोपी को जकड़ लिया और उसके हाथ से लोहे की रॉड छीन ली। इस घटना के सैकड़ों लोग चश्मदीद बने। दोनों आरोपियों को लेकर पुलिस थाना ढली पहुंची।
लेकिन कुछ ही देर में आरोपियों के आकाओं के फोन घनघनाने लगे। पुलिस महकमे को बिना ठोस कार्रवाई के आरोपियों को छोड़ देना पड़ा। मामला बुधवार शाम करीब छह बजे का है।
एसएचओ ढली चौक पर ट्रैफिक को दुरुस्त करने में लगे हुए थे। इसी दौरान ऊपरी शिमला रूट पर चलने वाली एक निजी बस आकर रुकी।
बस हटाने के लिए कहा था
उसकी वजह से ट्रैफिक जाम हो गया। एसएचओ ने चालक से आग्रह किया कि आप बस थोड़ी आगे ले जाएं वहां खुली जगह है, वहां सवारियों को उतारे और चढ़ाएं। एसएचओ का बस इतना कहना था कि चालक और परिचालक ने एसएचओ पर चढ़ाई कर दी।
दोनों कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। कंडक्टर ने तैश में आकर बस से लोहे की रॉड निकाल दी और एसएचओ के पीछे भाग पड़ा। ऐसा वाक्या देख आस पास खड़े लोग और दुकानदार हैरान रह गए।
एसएचओ पीडी ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह सिविल ड्रेस में थे। इसलिए चालक परिचालक उन्हें पहचान नहीं पाए। दोनों आरोपियों को थाने ले जाया गया। उनके माफी मांगने और आइंदा से ऐसी हरकत न करने पर छोड़ दिया गया।