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संजौली में डॉक्टर के घर में आग से लाखों का नुकसान

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अमर उजाला ब्यूरो

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शिमला। राजधानी के संजौली क्षेत्र में वीरवार को एक रिहायशी मकान के एटिक पर बने तीन कमरों और एक किचन में अचानक आग भड़क गई। इससे कमरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग ने किचन को भी अपनी आगोेश में ले लिया। आग की लपटें इतनी भयंकर थीं कि सिलेंडर से गैस का रिसाव शुरू हो गया। सूचना मिलते ही माल रोड और छोटा शिमला से गए अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने मौके पर पहुंच कर आग को शांत किया।

जान जोखिम में डालकर जलते हुए सिलेंडर को बाहर निकाल कर बड़ा हादसा होने से टाल दिया। आग की इस घटना में पूरे एटिक फ्लोर में करीब आठ लाख से अधिक का सामान, खिड़की दरवाजे और फर्नीचर सब जलकर राख हो गया। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। मकान कैंसर अस्पताल के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष गुप्ता का बताया जा रहा है। इनका परिवार निचली मंजिल में रहता था जबकि आग ऊपरी मंजिल में लगी।
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सुबह करीब पौने आठ बजे जब आसपास के लोगों ने आग की लपटों को उठते हुए देखा तो उन्होंने डॉ. मनीष के परिवार को इसकी सूचना दी। इसके बाद अग्निशमन विभाग को सूचित किया। 8.02 बजे की गई कॉल के चंद मिनट बाद ही माल रोड और छोटा शिमला फायर स्टेशन से अग्निशमन अधिकारी डीसी शर्मा की अगुवाई में बचाव दल मौके पर पहुंचा। सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण मुश्किल से अग्निशमन वाहनों को मौके तक पहुंचाया गया। जवानों ने हाइड्रेंट और वाटर टेंडर से लाइन बिछाकर आग बुझाने काम शुरू किया तथा करीब डेढ़ घंटे तक चले आग बुझाने काम के बाद उठती लपटों को शांत कर दिया।

डीसी शर्मा ने बताया कि सिलेंडर से उठ रही लपटों के बावजूद धुएं के बीच होकर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और आग को शांत किया। आग बुझाते समय जवानों को तीन सोने के कड़े और एक महिला का पर्स मिला जिसे मालिक के सुपुर्द कर दिया। सुबह नौ बजे शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्यों को जायजा लिया। इसके अलावा मेयर कुसुम सदरेट और उप महापौर राकेश शर्मा ने भी मौके पर जाकर घटना का जायजा लिया। मेयर जेई को मौके से कचरे को जल्द उठवाने के आदेश दिए। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवार को 50 हजार की फौरी राहत दी है।
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डॉक्टर ने भी शीशा तोड़ बुझाई आग घर में आग लगते देख कैंसर अस्पताल के रेडियोथैरेपी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनीष गुप्ता आग से घर को बचाने के लिए दूसरे भवन पर चढ़ गए। डॉ. मनीष ने कहा कि भवन पर पड़े सरिये से एटिक में लगे शीशे को तोड़ा। शीशे के टूटने के बाद आग की लपटे और धुआं बाहर आया। कुछ ही देर में फायर स्टेशन की गाड़ियां पहुंच गईं। घर की एटिक में लगी वुडन जलकर खाक हो गई है लेकिन जान माल की कोई क्षति नहीं हुई है।

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