फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंजरवेटर और डीएफओ को पुलिस का हुक्मनामा, मचा हड़कंप

विज्ञापन
विज्ञापन
चैतन्य ठाकुर
विज्ञापन

शिमला।
कोटी वन रेंज में सैकड़ों पेड़ काटने के मामले में वन महकमे के कंजरवेटर और डीएफओ समेत पांच लोगों को पुलिस ने हुक्मनामा भेजकर थाना ढली में तलब किया है। बड़े पैमाने पर हुए कटान में किस अफसर की कहां लापरवाही रही, इस दिशा में पुलिस जांच करेगी। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने मीडिया में खुलासा किया कि कोटी रेंज में अवैध तौर पर हुए कटान से निकलने वाले स्लीपर (तख्ते) कांग्रेस नेताओं और अफसरों के घरों में भी पहुंचाए गए हैं। मंत्री के इस दावे ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। पुलिस अब इस दिशा में भी जांच करने की बात कर रही है।
तत्कालीन फोरेस्ट गार्ड ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि उसने अपने अधिकारी को समय रहते सूचना दे दी थी लेकिन महकमे की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन सब पहलुओं की छानबीन होगी और अधिकारियों, कर्मचारियों से क्रॉस एग्जामिन किया जाएगा। मंगलवार को पुलिस की ओर से वन महकमे के इन संबंधित अफसरों के कार्यालय में हुक्मनामा पहुंचा दिया गया है। हुक्मनामा मिलने से वन महकमे में हड़कंप है। इनके अलावा तत्कालीन गार्ड, बीओ, रेंजर और आरोपी भूप राम को भी हुक्मनामा भेजा गया है। इन्हें भी तफ्तीश में शामिल होने के लिए कहा गया है। भूप राम मौजूदा समय में सशर्त जमानत पर है। भूप राम पर सरकारी वन भूमि से 416 पेड़ काटने का आरोप है।
विज्ञापन

मामले के खुलासे के बाद वन महकमे की ओर से पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई गई। जांच में सामने आया कि यह कटान वन भूमि पर हुआ है। स्लीपर बरामद किए गए और पेड़ काटने के औजार भी पुलिस ने कब्जे में ले लिए।
---
डीएफओ 11:30 तो कंजरवेटर 2:30 बजे तलब
गार्ड से लेकर रेंजर तक के कर्मचारियों को बुधवार सुबह 10 बजे थाने पहुंचने के लिए कहा गया है। इसी समय पर आरोपी भूप राम को भी बुलाया गया है। एसीएफ और डीएफओ को सुबह 11:30 बजे थाने तलब किया गया है। दोपहर 2:30 बजे कंजरवेटर शिमला को जांच में शामिल होने के लिए थाने बुलाया गया है। पूछताछ में क्या सामने आता है, अब इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
विज्ञापन

---
क्या है हुक्मनामा
पुलिस कानून के दायरे में सीआरपीसी 160 के तहत जांच में शामिल होने के लिए हुक्मनामा भेजती है। इसमें संबंधित व्यक्ति को हुक्मनामे में अंकित समय और जगह पर पहुंचना अनिवार्य होता है। अगर कोई व्यक्ति हुक्मनामा को नजर अंदाज करते हैं तो पुलिस के पास प्रावधान है कि वह उसे उठाकर थाने ले आए और पूछताछ करे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें