जिला ऊना में डी डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ने 279 फर्जी वोटरों को ट्रेस किया है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से खुलासा होने के बाद अफसरों में हड़कंप की स्थिति है। जिले से बीएलओ ने पूरी छानबीन के बाद तहसीलदार निर्वाचन को इसकी रिपोर्ट भेजी है।
तहसीलदार निर्वाचन ने उपायुक्त को रिपोर्ट प्रेषित की। तहसीलदार निर्वाचन वीना देवी ने ऐसे 279 मामले ट्रेस होने की पुष्टि की है। लोकसभा चुनाव में दो जगह मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने वाले फर्जी मतदाताओं को एक वर्ष कैद की सजा हो सकती है।
इसके अलावा जुर्माने की भी अदायगी करनी पड़ेगी। इन वोटरों के नाम अब एक जगह की मतदाता सूची से कटवाए जाएंगे।
उपायुक्त करेंगे कार्रवाई
दोहरे पंजीकरण वाले मामलों पर उपायुक्त ही मामले पर सुनवाई के बाद आगामी कार्रवाई करेंगे। गगरेट ब्लॉक के अधीन एक पंचायत प्रधान के भी पंजाब और हिमाचल में मतदाता सूची में नाम होने की शिकायत उपायुक्त को मिली है।
दिल्ली से भी ऐसी ही एक शिकायत आई है। इन दोनों मामलों पर भी जांच बिठाई गई है। अब उन फर्जी वोटरों का बच पाना नामुमकिन है जो पहले शहर में मतदान करते हैं और उसके बाद गांव में जाकर पोलिंग बूथ पर वोट डालते हैं।
चुनाव में कोई भी गलत तरीके से दो जगह मतदान नहीं कर पाएगा। चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जिसका नाम दो जगह वोटर लिस्ट में है, तो उसे एक जगह से नाम कटवाना होगा।
दोहरे पंजीकरण पर होगी एक वर्ष कैद
कोई दोहरा पंजीकरण करवाता हुआ पाया गया तो उसे एक वर्ष की कैद हो सकती है और जुर्माना भी भरना पड़ेगा। अब सॉफ्टवेयर से ऐसे 279 मामले ट्रेस हुए। इस संबंध में तहसीलदार निर्वाचन वीना देवी ने कहा कि चुनाव के मद्देनजर इस बिंदु पर सख्ती की गई है।
दोहरे पंजीकरण पर एक वर्ष कैद के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। जिले में ऐसे 279 मामले सामने आए हैं।
इन दोहरे पंजीकरणों को चिन्हित करके एक जगह से उनके नाम कटवाए जाएंगे। सूची उपायुक्त को भेजी गई है। दो अन्य मामलों पर जांच चल रही है। फर्जी वोटरों के खिलाफ उपायुक्त कार्रवाई करेंगे।