गृह मंत्रालय के रिटायर्ड अधिकारी के बैंक खाते की डिटेल पता कर नेट बैकिंग के माध्यम से खाते से साढ़े चौदह लाख रुपये धोखाधड़ी कर निकालने के एक आरोपी को साइबर सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने उनके पास से साढ़े तीन लाख नकद, साढ़े पांच लाख की एफडी, एक दर्जन मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, फजी पेनकार्ड व वोटर कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस को इस मामले में एक और युवक की तलाश है। जिसने रिटायर्ड अधिकारी से संपर्क कर उनकी बीमा किस्त पूरी होने पर बोनस का चेक आने के नाम पर बैंक की डिटेल व दस्तावेज हासिल किए थे।
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ऐसे किया बड़ा खेल
एसपी क्राइम भारती सिंह ने बताया कि 15 मार्च को सेक्टर-36 के सी ब्लाक में रहने वाले गृह मंत्रालय से रिटायर्ड अधिकारी (डीजीएम) नरेश चंद्र गुप्ता ने थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके यूनियन बैंक खाते से चौदह लाख पैतीस हजार रुपये नेट बैंकिंग के जरिए किसी रितेश कुमार सिंह के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।
वहीं उनके दूसरे खाते से सोलह हजार रुपये निकाले गए हैं। इस दौरान उनके मोबाइल फोन का सिम ब्लॉक करा ठगों ने दूसरा सिम इश्यू करा लिया था। जिससे उनको रुपये निकासी की जानकारी नहीं हो सकी।
शिकायत मिलने पर मामले की जांच साइबर सेल ने शुरू की।
बोनस का लालच देकर लिए डॉक्यूमेंट
साइबर सेल के इंसपेक्टर ज्ञानेन्द्र कुमार की अगुवाई में टीम ने प्रताप विहार गाजियाबाद के एक मकान पर मंगलवार की रात छापा मार कर रुपये निकालने वाले आरोपी रितेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर उसके पास से नकदी, एफडी, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, आठ सिमकार्ड, एक दर्जन मोबाइल फोन, विभिन्न लोगों के फोटोग्राफ बरामद किए।
पूछताछ में उसने बताया कि रिटायर्ड अधिकारी के खातों की जानकारी उसकेसाथ बीमा कंपनी के कॉल सेंटर में काम कर चुके फराना थाना खुर्जा देहात जिला बुलंदशहर निवासी विनय कुमार ठाकुर ने दी थी। उसे पता था कि रिटायर्ड अधिकारी की एक बीमा पालिसी पूरी होने वाली है।
जिसके बाद उसे दस लाख रुपये से ज्यादा की रकम मिलेगी। उस रिटायर्ड अधिकारी से बीमा पालिसी के संबंध में विनय की बातचीत होती रहती थी। उसने एक पॉलिसी का बोनस आने की बात कहते हुए उनके बैंक खाते की जानकारी के साथ-साथ ओरिजनल दस्तावेज ले लिए थे। उसी के माध्यम से उनके खाते से एक साइबर कैफे जाकर आरटीजीएस कर रितेश के खाते में रकम ट्रांसफर कर ली थी। पुलिस को विनय की तलाश है।
रितेश उर्फ संजय सिंघानिया उर्फ सोनू उर्फ नितेश सिंह ने ठगी कर रिटायर्ड अधिकारी केखाते से निकाली गई रकम में से विनय कुमार ठाकुर को मात्र साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे।
रितेश ने विनय को कम रकम देने का कारण उसका जूनियर होना बताया था। जिस कॉल सेंटर में दोनों जॉब करते थे उसमें रितेश उसका सीनियर था। इसलिए ठगी के धंधे में भी जूनियर व सीनियर का भेदभाव किया।
गिरफ्तार रितेश ने पुलिस को बताया कि ठगी की रकम से उसने एक बीमा कंपनी का आर टू आर नाम से कॉल सेंटर खोलने की तैयारी की थी। इसके लिए उसने लालकुआं गाजियाबाद में एक आफिस खोला था और ठगी की रकम से उस आफिस का फर्नीचर खरीदा था। जल्द ही उस आफिस की ओपनिंग करने वाला था।