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आईजीएमसी में फिर कटी जेब, रिटायर्ड आर्मी अफसर के 15000 रुपये उड़ाए

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला।
आईजीएमसी में चोरी की वारदातें नहीं थम रही हैं। शुक्रवार को ऊना से अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीज की कार्डियोलॉजी ओपीडी के बाहर जेब कट गई। मरीज की जेब में पंद्रह हजार रुपये थे। ओपीडी से बाहर आने पर उसे चोरी होने का पता चला। मरीज ने अस्पताल स्थित चौकी में चोरी की शिकायत की है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद ले रही है। अभी तक आरोपी पकड़ में नहीं आया है। ऊना के प्रकाश चंद (रिटायर्ड आर्मी अफसर) शुक्रवार सुबह अस्पताल पहुंचे। अपनी पत्नी को भी ह्दयरोग विभाग में उपचार के लिए लाए थे। दोनों को उपचार करवाया। जब सवा ग्यारह बजे प्रकाश चंद टेस्ट करवाने के लिए काउंटर पर पहुंचे तो जेब खाली थी। जेब से पांच-पांच सौ रुपये के तीस नोट गायब थे। वह सन्न रह गए। चोरी की घटना की सूचना पत्नी और साथ आई बहू को भी दी। फिर पुलिस में मामला दर्ज करवाया। उधर दूसरे मामले में बीते रोज आर्थो ओपीडी में भी महिला के पर्स से पांच सौ रुपये का नोट और सोने की तीन बालियों पर चोर ने हाथ साफ किया है। आर्थो विभाग के एक डॉक्टर ने प्रबंधन के पास चोरी की शिकायत की है। महिला शिमला की रहने वाली बताई जा रही है। आईजीएमसी में हो रही चोरी की घटनाओं पर पुलिस व प्रशासन के हाथ खाली है। लोगों ने मांग की कि बेहतर क्वालिटी के सीसीटीवी लगाए जाएं ताकि आरोपियों को शीघ्र पकड़ा जाए।
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कार्डियोलॉजी ओपीडी के बाहर हुई है घटना
कार्डियोलॉजी ओपीडी में इलाज के लिए आए मरीज की जेब से पंद्रह हजार रुपये चोरी हुए हैं। कैमरों की मदद से चोर को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. रमेश चंद, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
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कैमरों की विजन क्वालिटी भी खराब
अस्पताल में ओपीडी वार्ड सहित विभिन्न जगहों पर कुल 32 कैमरे लगाए गए है। कैमरों की विजन क्वालिटी खराब होने के कारण ओपीडी में बैठे मरीजों के चेहरे तक साफ नहीं दिखाई देते। कैमरों को बदलने के लिए प्रशासन को भी कई बार लिखित में दिया गया है। सालों से चोरी की वारदातें बढ़ने के बाद भी सबक नहीं ले पाया है।
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आर्थो ओपीडी में कैमरा तक नहीं
शिमला। आर्थो ओपीडी को ग्रीन हाउस में शिफ्ट किया गया है। लेकिन इस ओपीडी में प्रबंधन ने स्थायी तौर पर कैमरा लगाने की जहमत तक नहीं उठाई है। इस कारण चोरों के हौसले बुलंद है।
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