टीम इंडिया में चयनित ऑल राउंडर ऋषि धवन ने क्रिकेट के जुनून में पढ़ाई तक छोड़ दी थी। आठवीं कक्षा में क्रिकेट के कारण दो-ढाई महीने तक स्कूल न जाने पर ऋषि का नाम भी रजिस्टर से काट दिया गया था। स्कूल में पढ़ाई से ज्यादा ऋषि का फोकस क्रिकेट में रहता था। उनका अधिकतर समय पड्डल मैदान व्यतीत होता था।
मां शैली धवन बेटे ऋषि की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहती थीं। स्कूल से छुट्टी होने के बाद ऋषि ग्राउंड में दोस्तों के साथ मैच खेलते ही नजर आता था। पढ़ाई के लिए चिंतित अभिभावकों ने ऋषि से प्राइवेट पेपर दिलवाए। प्राइवेट पढ़ाई के साथ निरंतर अभ्यास से ऋषि हिमाचल रणजी स्टॉर बन गए।