शौंगटोंग पॉवर प्रोजेक्ट से निकाले गए मजदूरों की बहाली की मांग को लेकर धरने पर बैठे सीटू नेताओं की गिरफ्तारी करने पर माकपा भड़क उठी है। वीरवार को माकपा के राज्य सचिवालय सदस्य टिकेंद्र पंवर सहित संजय चौहान, कुलदीप तंवर और बलवीर पराशर ने बुधवार रात आठ बजे बीसीएस से 27 सीटू नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस द्वारा बस में पीटने का आरोप लगाया है।
माकपा नेताओं ने कहा कि हिमाचल सरकार की शह पर पॉवर कॉरपोरेशन और निजी कंपनी मजदूरों का शोषण कर रही है। टिकेंद्र पंवर ने आरोप लगाया कि पॉवर कारपोरेशन में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। सरकार भी इसमें संलिप्त है। बुधवार शाम को शांतिपूर्ण तरीके से सीटू नेताओं की अगुवाई में पॉवर कॉरपोरेशन के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा था।
बुधवार को कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने सीटू नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया था लेकिन शाम आठ बजे तक कोई बातचीत नहीं की। फिर पुलिस का बल प्रयोग करते हुए सीटू नेताओं को जबरन मौके से उठाया गया। टिकेंद्र पंवर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सीटू नेताओं को बस में पीटा भी।
21 सीटू नेता बालूगंज पुलिस थाने में और छह सीटू नेता न्यू शिमला पुलिस थाना में रखे गए हैं। संजय चौहान ने कहा इस मामले को लेकर जल्द ही पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी। पॉवर क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और माफियाराज का पर्दाफाश किया जाएगा।
भाजपा की चुप्पी खड़े कर रही कई सवाल
माकपा नेता टिकेंद्र पंवर ने कहा कि इस मामले में भाजपा नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। साल 2013 से शौंगटोंग का विवाद चल रहा है। भाजपा के किसी भी नेता ने इस मामले में कोई भी बयान नहीं दिया है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मजदूर विरोधी हैं।
अफसरों से अपील, किन्नौर की सुध तो लो
माकपा नेताओं ने कहा कि बिजली प्रोजेक्टों के कारण जिला किन्नौर की दुर्दशा हो गई है। राज्य सरकार में कई बड़े अफसर किन्नौर से हैं। इन अफसरों ने भी कभी अपने जिला की सुध नहीं ली। माकपा ने अफसरशाही से किन्नौर जिला पर भी ध्यान देने की अपील की है।