माकपा की राज्य कमेटी ने सोमवार को डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। बर्फबारी के बाद कई क्षेत्रों में स्थिति सामान्य नहीं होने का आरोप लगाते हुए माकपा ने सरकार खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी के नवनियुक्त सचिव डा. ओंकार शाद ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी तक पानी, बिजली और सड़कों की स्थिति ठीक नहीं हुई है।
हिमपात के बाद पैदा हुई समस्याओं से सरकार नहीं निपट पा रही। प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में हालत अभी भी ठीक नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नव उदारवादी नीतियों के चलते लोगों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। राज्य में सेवा क्षेत्र को सरकार ने पूरी तरह से हाशिये पर धकेल दिया है। आईपीएच में कर्मचारियों के 11371 पद, बिजली बोर्ड में 6990 पद रिक्त पड़े हैं।
अन्य विभागों में भी हालत ऐसे ही हैं। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सरकार के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। एक ओर सरकार वित्तीय संकट का बहाना बनाकर रिक्त पदों को भर नहीं रही हैं। वहीं दूसरी ओर बड़ी-बड़ी निजी कंपनियों को करोड़ों रुपये की रियायतें दी जा रही हैं। माकपा ने कहा सरकार ने अगर स्थितियों को सामान्य करने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए तो पार्टी प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन करेगी।
इस अवसर पर टिकेंद्र पंवर, संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा, बलवीर पराशर, फालमा चौहान, कपिल भारद्वाज, रमाकांत मिश्रा, किशोरी ढटवालिया, विनोद विरसांटा, प्रेम कायथ, दिनेश मेहता, बाबू राम, बचन नेगी, सोनिया सबरवाल, सुदेश सरवाल, पुनीत धांटा, होशियार सिंह, विक्रम कायथ और राहुल चौहान सहित कई अन्य मौजूद रहे।