हिमाचल में एकमात्र माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कोरोना वायरस से बचाव में खर्च करने के लिए अप्रैल से दिसंबर तक का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अप्रैल से दिसंबर तक के आगे की तारीख के चैक सौंप दिए हैं। इस कदम के साथ ही सिंघा प्रदेश व देश के नेताओं के लिए एक नजीर बन गए हैं।
सिंघा ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब मंगलवार को ही प्रदेश की जयराम सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर मुख्यमंत्री से लेकर विधायकों व बोर्ड निगम के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के वेतन में 30 फीसदी की कटौती का निर्णय लिया था। बता दें, ठियोग विधानसभा क्षेत्र से विधायक राकेश सिंघा इससे पहले भी फरवरी और मार्च का वेतन सीएम राहत कोष में डाल चुके हैं। सिंघा प्रदेश के ऐसे पहले विधायक हैं जिन्होंने वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए अपना 11 माह का वेतन सरकार को दे दिया है। राकेश सिंघा ने बताया कि यह समय सभी वर्गों विशेषकर गरीब व मजदूरों की मदद करने का है।
इस दौरान जितनी भी मदद की जाए वो कम है। उन्होंने कहा कि गरीबों की मदद करने के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान सिर्फ आदेशों तक ही सीमित हैं। गांवों में सस्ता राशन तक उपलब्ध नहीं है। सरकार को इस बाबत गंभीरता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि बुधवार को ठियोग विधानसभा क्षेत्र की चार पंचायतों का दौर कर पंचायत प्रतिनिधियों से समस्याओं की जानकारी जुटाई है। वे रोजाना गांवों में जाकर हालात का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से गांवों की ओर विशेष ध्यान देने की मांग की है।