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मंत्री किशन कपूर के खिलाफ जांच बंद करने पर फैसला इस दिन, ये है पूरा मामला

Fri, 02 Nov 2018 01:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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जयराम सरकार में मंत्री किशन कपूर के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो में दर्ज मामले की क्लोजर रिपोर्ट अब शिकायत करने वाले तत्कालीन एसपी एसआईयू के बयान पर निर्भर करेगी। विशेष जज वीरेंद्र शर्मा की कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन शिकायतकर्ता को 30 नवंबर को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
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अगर मामले के तत्कालीन वादी वर्तमान में चल रही जांच से संतुष्ट हुए तो कपूर के खिलाफ चल रही जांच बंद हो जाएगी। दरअसल, 2008 में तत्कालीन धूमल सरकार में शहरी विकास मंत्री रहे किशन कपूर के पास हिमुडा के चेयरमैन का भी चार्ज था। उन्होंने अपने और पत्नी के अलावा कुछ अन्य लोगों को डिस्क्रीशनरी अधिकार के तहत प्लॉट आवंटित कर दिए।
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हालांकि, विवाद बढ़ा तो कपूर ने प्लाट वापस कर दिया। मामले में हिमुडा के तत्कालीन सीईओ एसके शर्मा पर भी बिना निदेशक मंडल की मंजूरी भी न लेने का आरोप लगा। वीरभद्र सरकार के दौरान प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने कपूर व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, लेकिन वीरभद्र सरकार में ही जांच ठंडे बस्ते में चली गई।
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अब जयराम सरकार आते ही मामले को बंद करने की कवायद शुरू हो गई। इसके तहत कुछ समय पहले ब्यूरो ने क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी। अब 30 नवंबर को शिकायत करने वाले तत्कालीन एसपी एसआईयू के बयान के आधार पर कोर्ट क्लोजर रिपोर्ट पर निर्णय लेगा। वीरवार को हुई सुनवाई के दौरान विजिलेंस ब्यूरो की ओर से जिला न्यायवादी सुनील वासुदेवा पेश हुए।
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