उत्तरी रेलवे द्वारा किसानों की भूमि अधिग्रहण के बदले समय पर मुआवजा न देने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय-1 के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार शर्मा ने रेलवे द्वारा ट्रैक के निर्माण को अधिगृहित बसाल के किसान गंगा राम की भूमि के मुआवजा मामले की सुनवाई करते हुए रेलवे द्वारा मुआवजा अदायगी में की जा रही देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई है।
कोर्ट ने रेलवे को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि रेलवे इस मामले में और ढील बरतेगा तो उसकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। किसान के अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने बताया कि न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई के दौरान 6 नवंबर, 2015 को रेलवे के सेक्शन इंजीनियर को अदालत में पेश होने के भी आदेश दिए हैं।