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चरस तस्करी मामले में पति पत्नी को बीस साल कठोर कारावास की सजा

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शिमला। राजधानी शिमला के उपनगर टुटू के एक दंपत्ती को चरस तस्करी में दोषी करार देकर अदालत ने दोनों को बीस-बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इन दोनों को चार-चार लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं चरस तस्करी के इस मामले में अन्य दोषी करार दिए मेहर सिंह को दस साल की कैद की सजा के साथ दो लाख रुपये जुर्माना किया गया है। दो अन्य दोषियों युवकों विपिन और अमन को छह-छह माह का कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनवाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना डढवाल की अदालत ने 28 अगस्त को मामले के पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया था। फैसला देने के लिए बुधवार का दिन तय किया था, लिहाजा आज सजा सुनाई गई।
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अदालत के इस फैसले से मादक पदार्थ और चरस तस्करी जैसे संगीन अपराध में शामिल लोगों को यह एक कड़ा सबक होगा। इससे प्रदेश में नशे के बढ़ रहे कारोबार पर भी लगाम लग लगेगी। चरस और अफीम की 16 किलो की पकड़ी गई खेप के इस मामले में मुख्य आरोपी और मकान मालिक दीप राम तथा पत्नी उषा को बीस-बीस साल कठोर कारावास की सजा सुनवाई है। गौरतलब है कि पुलिस ने 25 मार्च को चरस तस्करी का यह मामला पकड़ा था। 26 मार्च को पुलिस टीम ने जाल बिछाकर दीप राम, उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा जिस घर से चरस और अफीम पकड़ी थी, यह दीप राम की पत्नी उषा के नाम था। पुलिस लंबे समय से दीप राम को पकड़ने क लिए प्रयास कर रही थी जिसमें पुलिस को 2016 में सफलता मिली। तब से लेकर अदालत में इस मामले में सुनवाई चल रही थी।
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