इससे पूर्व भी ऊना की अदालत ने आदेश पारित कर जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन को सील कर दिया था, जिसे बाद में कुछ घंटों बाद रिलीज किया गया था।
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किसानों की बेशकीमती भूमि अधिग्रहीत करने के बाद मुआवजा न देने पर अदालत ने रेलवे के खिलाफ सख्त आदेश पारित किए हैं। जिला ऊना के ऐसे पांच मामलों में लगभग ढाई करोड़ की मुआवजा राशि न देने पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने किसानों की अधिग्रहीत की गई जमीन का पूरा ब्यौरा तलब कर उसकी खुली नीलामी के आदेश दिए हैं।
यह जमीन ऊना से लेकर अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन के बीच पड़ती है। ऐसे में अगर अदालत कार्रवाई करती है तो उत्तरी रेलवे को एक और बड़ा झटका लग सकता है। इससे पूर्व भी ऊना की अदालत ने आदेश पारित कर जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन को सील कर दिया था, जिसे बाद में कुछ घंटों बाद रिलीज किया गया।
मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायधीश सीएल कोछड़ की अदालत में हुई मामलों की सुनवाई में रेलवे की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ। इस पर अदालत ने किसानों के अधिवक्ता को 28 मार्च 2016 तक अधिग्रहीत की गई जमीन के पूरे दस्तावेज अदालत में जमा करवाने के आदेश दिए ताकि इस भूमि की वर्तमान बाजार भाव पर खुली नीलामी की जा सके।