सहायक जिला न्यायवादी पांवटा राजेंद्र कुमार शर्मा ने हिमाचल सरकार की ओर से मामले की पैरवी की। उन्होंने कहा कि हिप्र ट्रैफिक पुलिस ने नशा करते वाहन दौड़ाने वाले चालकों के चालान किए थे। नशा करके वाहन दौड़ाने वाले ऐसे वाहन चालकों पर वाहन अधिनियम की धारा-185, 181 और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
शराब पीकर गाड़ी दौड़ाने के 44 मामले अदालत में पहुंचे। शनिवार को अदालत संख्या-2 के न्यायाधीश असलम बैग ने इन सभी को सजा सुनाई है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 44 लोगों को एक-एक दिन की सजा सुनाई गई।
इन सभी को 1,25,200 जुर्माना भी किया गया। गौरतलब है कि कुछ अरसे पहले ही नाहन और राजगढ़ की अदालत में भी पियक्कड़ों को एक-एक दिन जेल में गुजारने की सजा सुनाई थी।