अदालत ने भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज प्राथमिकी व उससे जुडे़ दस्तावेज मांगने के मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को झटका दे दिया। अदालत ने उनके आवेदन को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि दस्तावेज आरंभिक जांच से जुड़े हैं और वे दस्तावेज आरोपी को नहीं दिए जा सकते। वहीं हिमाचल प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित मामले की सुनवाई नहीं हो पाई।
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार ने अपने फैसले में कहा कि प्राथमिक जांच रिपोर्ट से ही तय किया जाता है कि मामले में जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए या नहीं। प्राथमिकी जांच का आरंभिक बिंदु हो होती है। उसे जुड़े दस्तावेज प्राथमिकी का हिस्सा नहीं होते।