इसमें नकली दवाओं के निर्माण का मामला उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि सर्कुलर जारी होने के बाद इसमें नामी दवा उद्योगों के नाम शुमार होने पर भी नामी दवा निर्माता उद्योगों ने ऐतराज जताया है।
उद्योगों का कहना है कि जब वह इस प्रकार की किसी दवा का निर्माण नहीं करते हैं और उनकी कंपनियों की यह दवा ही नहीं है तो सर्कुलर में उनका नाम आना भी सही नहीं है। सर्कुलर में नाम आने पर भी नामी उद्योगों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इस पर कार्रवाई करने की भी मांग की है।
हिमाचल दवा नियंत्रक प्राधिकरण को अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने के कोई आदेश हासिल नहीं हुआ है। सहायक प्रदेश दवा नियंत्रक गरिमा शर्मा ने कहा कि राजस्थान में नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा गया है।
इसमें हिमाचल, सिक्किम सहित कई अन्य प्रदेशों की नामी कंपनियों के नाम व उनके बैच नंबर प्रयोग किए गए है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को अभी किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने के आदेश नहीं मिले हैं।