विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए काउंट डाउन शुरू हो गया है। एक हफ्ते बाद ईवीएम में कैद मतों की गिनती होनी है। भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की गैर मौजूदगी से दोनों ओर छाई सियासी सुस्ती भी अब टूटेगी।
भाजपा के मुख्यमंत्री प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल स्वास्थ्य लाभ लेकर हिमाचल लौट आए हैं जबकि कांग्रेस की ओर से सातवीं बार मुख्यमंत्री प्रत्याशी वीरभद्र सिंह सोमवार को पहुंचेंगे। दिग्गजों की वापसी के साथ ही पार्टियां 18 दिसंबर को आने वाले नतीजों के सियासी गुणा-भाग में जुट जाएंगी।
मजेदार बात यह है कि दोनों दल पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं जबकि अंदरखाने मजबूत निर्दलीय प्रत्याशियों से समीकरण बैठाए जा रहे हैं। 9 नवंबर को मतदान के बाद ठंडी पड़ी राजनीतिक गतिविधियां आने वाले दिनों में फिर तेज होंगी।
दौरों से वापस लौटने लगे नेता
मतदान के बाद दोनों ओर से सरकार बनाने के दावे होते रहे। इसके बाद कुछ नेता थकान मिटाने निजी दौरों पर निकल जबकि कुछ गुजरात चुनाव तो कुछ कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में व्यस्त हो गए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पत्नी प्रतिभा सिंह के साथ स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए गुजरात के निजी दौरे पर हैं।
एक निजी संस्थान में आयुर्वेदिक उपचार करवा रहे हैं। इसी के चलते कांग्रेस अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया में भी वीरभद्र शामिल नहीं हो पाए। कांग्रेस के कई अन्य नेता जीएस बाली, कौल सिंह भी इस दौरान प्रदेश से बाहर रहे। हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया में सभी मौजूद रहे।
दूसरी तरफ भाजपा के मुख्यमंत्री प्रत्याशी धूमल स्वास्थ्य लाभ के लिए केरल और बंगलूरू दौरे पर रहे, जबकि अनुराग सहित सभी सांसदों की गुजरात में ड्यूटी बताई जा रही है। अब धूमल के प्रदेश लौटने के साथ ही गतिविधियां फिर रफ्तार पकड़ेंगी।
गुजरात में दूसरे चरण का 14 दिसंबर को चुनाव होने के बाद वहां गए नेता भी 15 दिसंबर तक प्रदेश में लौट आएंगे। फिलहाल दोनों ही दलों ने मतगणना से पहले कोई अधिकारिक बैठक नहीं रखी है।
दोनों पार्टियां कर चुकी हैं मंथन
भाजपा और कांग्रेस चुनाव और मतदान की स्थितियों को लेकर आंतरिक बैठकें कर चुकी हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की अध्यक्षता में हमीरपुर में बैठक हुई, जिसमें सभी सीटों पर पार्टी की स्थिति को लेकर समीक्षा हुई।
भाजपा ने बैठक के बाद 50 प्लस का दावा जताया। दूसरी तरफ कांग्रेस की शिमला में प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक ली। समीक्षा बैठक में पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा छूने का दावा जताया था।
भितरघात पर भाजपा मौन
कांग्रेस ने भितरघात करने वाले दो दर्जन नेताओं को पार्टी से बाहर किया। चुनावों के दौरान प्रदेश संगठन में जिनको ओहदे देकर खुश किया था, उनमें से कइयों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। कांग्रेस संगठन में उलटफेर चलता रहा, लेकिन भाजपा बैकफुट पर दिखी।
कई मंडलों से भितरघात की रिपोर्टें आ रही हैं, लेकिन प्रदेश संगठन अनिर्णय की स्थिति बनाए हुए है। पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर लेकर लगाए आरोपों से एक बार फिर खेमेबाजी उभर कर सामने आई है।