कागजों में यह कार्य एक अप्रैल 2017 को शुरू हुआ। 30 सितंबर 2017 को इसे पूरा किया गया, जबकि हकीकत में पाथ का अस्तित्व ही नहीं है। सूत्रों की मानें तो लांघा से टिकरी के लिए बने खडूंजा पाथ निर्माण के बिल भी जारी हो चुके हैं।
लांघा गांव के ग्रामीणों कमल शर्मा, मनासा शर्मा ने बताया कि खडूंजा पाथ का निर्माण कागजों में ही हुआ है। इसके लिए बाकायदा पैसा स्वीकृत हुआ था। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही ही है कि किसी ने भी इसका निरीक्षण करना उचित नहीं समझा। पंचायत प्रधान बाड़का अंग्रेजो देवी ने कहा कि लांघा से टिकरी के लिए खडूंजा मार्ग का निर्माण करवा दिया गया है।
लांघा से टिकरी के लिए खडूंजा पाथ से गांव लांघा, पुखरी, घरोड़ी सहित अन्य गांवों के लोगों को लाभ मिलना था। इस रास्ते से ही गांवों के लोग आवाजाही करते हैं। बच्चे भी इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं।
ये बोले अधिकारी
बीडीओ सलूणी योगेंद्र कुमार ने कहा कि मामले की तफ्तीश की जाएगी। यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीआरडीए के परियोजना अधिकारी संजीव ठाकुर ने भी मामले की छानबीन की बात कही। डीसी चंबा हरिकेश मीणा ने कहा कि मनरेगा योजना के तहत गांवों में विकासात्मक कार्य करवाए जाते हैं। यदि उक्त खडूंजा पाथ का निर्माण वास्तविकता में नहीं हुआ है तो इसकी तफ्तीश संबंधित विभागीय अधिकारियों से करवाई जाएगी।