पुलिस विभाग से मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी चालकों से आए दिन होने वाली मारपीट और अभद्रता की घटनाओं के विरोध में सोमवार को एचआरटीसी चालकों और परिचालकों ने पुराना बस अड्डा में विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान चालकों ने चेताया कि अगर इसी तरह से आए दिन मारपीट और अभद्रता की घटनाएं सामने आती रहीं तो उन्हें मजबूर होकर प्रदेशभर में बसों को चलाना बंद करना पड़ेगा।
एचआरटीसी चालक-परिचालक संघ के प्रधान मान सिंह ने बताया कि हाल ही में कोटखाई, राजगढ़ और कांगड़ा में चालकों के साथ मारपीट तथा अभद्रता की घटनाएं आ चुकी हैं। पहले भी जगह-जगह इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद इन घटनाओं पर पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है न ही आरोपियों को पकड़ा जा रहा है। इसको लेकर प्रदेशभर के चालकों और परिचालकों में रोष है। उन्होंने कहा कि न ही चालकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग कार्रवाई कर रहा है और न ही निगम प्रबंधन तथा सरकार उनका साथ दे रही है। प्रदेशाध्यक्ष ने चेताया कि अभी तो राजगढ़ में दो रूटों पर बसों को चलाना बंद कर दिया है लेकिन इसी तरह से एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों के साथ मारपीट की घटनाएं नहीं रुकी तो उन्हें मजबूर होकर प्रदेश में बसों को संचालन बंद करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मेडीपर्सन एक्ट की तरह उनके साथ होने वाली मारपीट और अभद्रता की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की अपील की है। मान सिंह ने कहा कि इसके अलावा चालकों की पदोन्नति को लेकर भी सरकार और निगम प्रबंधन निराशाजनक रवैया अपनाए हुए है। इस वजह से बिना पदोन्नति के ही चालक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वेतन भी कम किया जा रहा है। इसके साथ ही चालकों को वित्तीय लाभ भी नहीं मिल रहे हैं। चार भर्तियां लंबित हैं और वर्दी तक नहीं मिल रही है। बीओडी में एक वर्दी देने और एक वर्दी के पैसे देने का फैसला हुआ था लेकिन आज तक इसकी अनुपालना नहीं की जा रही है। उन्होंने तीन फीसदी डीए के एरियर के लिए प्रबंधन और सरकार का आभार जताया।