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Shimla News: शहर में लटकती तार पर निगम की सख्त, 14 दिन में हटाने के आदेश

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अब बिना टैग मिली तारों को माना जाएगा लावारिस, एजेंसी ने नहीं हटाईं तो नगर निगम खुद करेगा कार्रवाई
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हाईकोर्ट ने दे रखे बिजली तार और हटाने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में सड़कों, रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर बेतरतीब लटके, ढीले और बेकार तार को हटाने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। अब संबंधित एजेंसियों को शिकायत मिलते ही ऐसे तार हटाने और व्यवस्थित करने के लिए 14 दिन का समय मिलेगा।

तय अवधि में कार्रवाई नहीं करने पर नगर निगम अपने स्तर पर इन तारों को हटाएगा और इसका खर्च संबंधित एजेंसी से वसूलेगा। नियमों की अवहेलना करने वाली एजेंसियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 302 के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया, बीएसएनएल और अन्य केबल व इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार की जा रही है।
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बैठक में निगम प्रशासन ने कहा कि शहर के कई स्थानों पर बेकार बिजली तार अब भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इससे न केवल आम लोगों की सुरक्षा को खतरा है बल्कि शहर की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है। नगर निगम के बालूगंज स्थित आवासीय कॉलोनी में शिलान्यास समारोह के दौरान भी ऐसे तार देखे गए थे। निगम ने माना कि संबंधित एजेंसियों की ओर से तारों को व्यवस्थित करने का काम कुछ स्थानों पर हुआ है लेकिन अब तक इसकी व्यवस्थित निगरानी और कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।




हर वार्ड की तारों का देना होगा पूरा ब्योरा
नगर निगम ने सभी सेवा प्रदाताओं को शहर के हर वार्ड में बिछाए गए ओवरहेड तारों और केबल नेटवर्क का पूरा ब्योरा देने के निर्देश दिए हैं। इसमें तारों का रूट, इस्तेमाल किए गए खंभों और अन्य ढांचों की जानकारी, तारों की स्थिति तथा संबंधित एजेंसी के नोडल अधिकारी का नाम व संपर्क नंबर देना होगा। यह भी बताना होगा कि किन स्थानों से बेकार तार हटाए जा चुके हैं, कहां काम चल रहा है और किन स्थानों पर काम शुरू होना बाकी है। हर एजेंसी को अपनी तारों पर उचित दूरी पर नाम या पहचान चिह्न लगाना होगा। बिना पहचान चिह्न वाली तारों को लावारिस मानकर कार्रवाई की जाएगी। निगम का आईटी विभाग इस संबंध में एक एप्लीकेशन या डेटाबेस तैयार करेगा जिसमें तारों और उनके मालिकों की वार्ड वार जानकारी उपलब्ध रहेगी।
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हर महीने देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट
सभी एजेंसियों को हर महीने लोक निर्माण शाखा के कार्यकारी अभियंता को कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसमें हटाए गए तार, व्यवस्थित किए तार और निगम की ओर से जारी शिकायतों तथा नोटिस पर की गई कार्रवाई का ब्योरा देना होगा। तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करना और उपयुक्त कवर लगाना अनिवार्य होगा जबकि बेकार, टूटे तार इस्तेमाल में नहीं आ रहे और डिस्कनेक्ट तार को हटाना होगा। निगम की स्वास्थ्य शाखा के सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण कर ऐसी जगहों की पहचान करेंगे जहां तार के गुच्छे लटक रहे हैं। इसकी तस्वीरों सहित रिपोर्ट तैयार की जाएगी और संबंधित एजेंसी की पहचान होने पर रिपोर्ट लोक निर्माण शाखा को भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया को नियमित रूप से जारी रखा जाएगा। बालूगंज से भी तारों को हटाने और चालू तारों को व्यवस्थित करने के निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है। कार्यकारी अभियंता को नोटिस, कार्रवाई और मासिक रिपोर्ट का रिकॉर्ड रखने के साथ हर महीने इसकी प्रगति की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
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