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हिमाचल में कोरोना बढ़ने के साथ पर्यटन कारोबार पर 50 फीसदी तक मार, होटल संचालक चिंतित

Sat, 27 Mar 2021 01:26 PM IST
Krishan Singh रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू

सार

  •  छह माह में न्यूनतम स्तर पर पहुंचा पर्यटन कारोबार
  • 15 दिन के भीतर पर्यटन नगरी मनाली में गिरी आक्यूपेंसी
  • होटलों में एडवांस बुकिंग रद्द, होटल संचालक चिंतित
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शिमला में सैलानी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में कोरोना के एक बार फिर बढ़ रहे मामलों से पर्यटन कारोबार पर मार पड़ी है। 15 दिन के भीतर मनाली के सरकारी और निजी होटलों में ऑक्यूपेंसी 50 फीसदी तक गिर गई है। होटलों में एडवांस बुकिंग रद्द कर दी गईं हैं। 15 से 20 फीसदी आक्यूपेंसी पहुंचने से मनाली का पर्यटन कारोबार छह माह के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। पहले से नुकसान झेल रहे हजारों होटलियरों, टैक्सी यूनियन और वोल्वो यूनियन की इससे चिंता बढ़ गई है। मनाली और कुल्लू में करीब तीन हजार होटल, होम स्टे हैं। इनमें से करीब 2200 खुल चुके हैं।

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बाकी मार्च और अप्रैल में खोलने की तैयारी थी। कुल्लू-मनाली में पर्यटन विकास निगम के सबसे अधिक होटल चल रहे हैं। यहां भी पिछले दो सप्ताह से सन्नाटा पसरा है। पर्यटकों की कमी से निगम के होटलों में 15 प्रतिशत ही कमरे लग रहे हैं। पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र आदि कई राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ने से प्रदेश में पर्यटन पटरी से उतर गया है। पर्यटन विकास निगम के डीजीएम अनिल तनेजा ने कहा कि पर्यटन 60 फीसदी से घटकर 15 प्रतिशत तक आ गया है। ऑनलाइन बुकिंग के साथ एडवांस बुकिंग भी रद्द हो गई है।
 
अक्तूबर से फरवरी तक खूब रहा कारोबार
देश में कोरोना के मामले पिछले दो-तीन माह से घटना शुरू हो गए थे। इससे कुल्लू-मनाली में पर्यटन कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली थी। अक्तूबर 2020 से फरवरी 2021 तक ऑक्यूपेंसी 60 से 100 फीसदी तक पहुंच गई थी। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि कोरोना ने दोबारा चिंता में डाल दिया है।
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पर्यटकों पर फिलहाल रोक नहीं : सीएम
शिमला में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पर्यटकों के प्रदेश में आने पर रोक नहीं लगाई जाएगी। होटल व होम स्टे में सख्ती से मानव संचालन प्रक्रिया का पालन करने को कहा गया है, क्योंकि इस बार हालात बिगड़े तो रोजगार व आर्थिक स्थिति गड़बड़ा सकती है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर निर्णय लिए जाएंगे। 
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