हिमाचल में कोरोना अपनों की परीक्षा ले रहा है। संकट की इस घड़ी में अपने ही साथ छोड़ रहे हैं। एक मामले में बुजुर्ग मां-बाप को कोविड सेंटर के हाल पर ही छोड़ दिया गया है। कोरोना वायरस से पीड़ितों के साथ भी अछूतों जैसा व्यवहार हो रहा है। राज्य में कोरोना संकट का दौर काफी खतरनाक हो गया है। कुल्लू जिले का एक दंपती जब कोविड केयर सेंटर से ठीक होकर आया तो उनके साथ अछूतों जैसा व्यवहार होने लगा। एक अन्य मामला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ध्यान में भी आया।
उन्हें बताया गया कि एक बुजुर्ग दंपती को एक कोविड केयर सेंटर में उनके बच्चों ने उन्हीं के हाल छोड़ दिया है। यह कह दिया है कि वे तभी घर आएं, जब वे बिलकुल ठीक हो जाएं। ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। इस पर खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी चिंता जताई। इससे साफ होता है कि कोरोना के मरीज दोहरे दंश झेल रहे हैं। एक कोविड 19 के संक्रमण से उन्हें जिंदगी और मौत से जूझना पड़ रहा है। दूसरी बात यह है कि उन्हें इस तरह से अपनों के व्यवहार से परेशान होना पड़ रहा है।
कहीं ऐसा भी
मंडी में एक मामले में मां ने कोविड पीड़ित अपने बच्चे के साथ उसके वार्ड में ही रहने की प्रार्थना की है। ऐसे में भी से उदाहरण हैं, जो कोविड रोगियों को संबल दे रहे हैं।