फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस: जनसंख्या के आधार पर देश के ग्रामीण जिलों के सक्रिय मामलों में शिमला सबसे ऊपर

Tue, 01 Dec 2020 09:04 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विज्ञापन
शिमला (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कोरोना को लेकर हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में हालात बेकाबू हो गए हैं। जनसंख्या के आधार पर देश के कोरोना प्रभावित 16 ग्रामीण जिलों के एक्टिव मामलों में जिला शिमला पहले पायदान पर पहुंच गया है। यहां एक्टिव मामलों का आंकड़ा 2 हजार पार और मौत का आंकड़ा भी 165 के पार पहुंच चुका है। प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा में स्वास्थ्य कर्मचारी और अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। 

विज्ञापन


 लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा भी देश के कोरोना प्रभावित जिलों की सूची में शामिल हैं। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना ज्यादा कहर बरपा रहा है। मंडी जिले में 1400 और कांगड़ा जिले में कोराना के एक्टिव मामले एक हजार से पार हो गए हैं। जिला शिमला में अब तक सबसे ज्यादा मौत हुई है। कांगड़ा जिला दूसरे और मंडी जिला तीसरे स्थान पर है। इधर, प्रदेश सरकार ने सैंपल लेने की संख्या बढ़ा दी है। प्रतिदिन छह हजार से अधिक सैंपल लिए जा रहे है। सरकार का मानना है कि सैंपल की संख्या में बढ़ोतरी करने से कोरोना पर काबू पाया जा रहा है। आगामी 15 दिन तक स्थिति सामान्य होने के आसार हैं।

कोरोना को नियंत्रित करने में पीछे हो गए हम : भारद्वाज 
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पहले हम कोरोना को नियंत्रित करने आगे थे, लेकिन अब पीछे हो गए हैं। प्रदेश के चार जिलों शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में इन जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाना पड़ा है। नवंबर में ही कोरोना के ज्यादा मामले आए हैं। रामपुर के ननखड़ी और रोहडू में कोरोना अस्पताल बनाए जाएंगे, जिससे बर्फबारी में किन्नौर, लाहौल-स्पीति के मरीजों को सुविधा मिले। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और कोविड सेंटरों में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फैसला लेते ही पलट देते हैं सीएम : राठौर 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर - फोटो : अमर उजाला
वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा को लाखों के जरूरी उपकरण भेंट किए। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं ने टांडा अस्पताल प्रशासन को पांच व्हील चेयर, पांच बेड, 25 बीपी मशीन सहित लाखों का सामान भेंट किया। राठौर ने कहा कि  हिमाचल में कोरोना चरम पर है। कांग्रेस प्रदेश की जनता के साथ खड़ी है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है। मुख्यमंत्री निर्णय लेने और वापस करने के लिए प्रसिद्ध होने लगे हैं। निर्णय लेने के बाद ही उसे पलट देते हैं। 

कहा कि पार्टी ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए पहले आईजीएमसी शिमला, नेरचौक और मंगलवार को टांडा मेडिकल कॉलेज में सामग्री भेंट की। राठौर ने कहा कि गांव से गांव कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। सरकार श्वेतपत्र जारी करे कि हिमाचल में कोरोना सामुदायिक संक्रमण की ओर तो नहीं है। कोरोना संक्रमण के मामलों में हिमाचल देश में नंबर वन हो गया है। भाजपा के मंत्रियों और विधायकों के कार्यक्रमों में भीड़ जुटने पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। डबल इंजन सरकार केंद्रीय विवि का निर्माण कार्य शुरू करवाने में रोड़े अटका रही है। इस दौरान विधायक पवन काजल, आशीष बुटेल, राजेंद्र राणा, जिला अध्यक्ष अजय महाजन, पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, चंद्र कुमार, अजय वर्मा, सुमन वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश वालिया, मान सिंह, केवल सिंह पठानिया और मनोज मेहता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें