कोरोना वायरस से बचाव के लिए 31 मार्च तक बंद सरकारी स्कूलों के बच्चों को जयराम सरकार छुट्टियों का मिड-डे मील भी देगी। अभिभावकों को एक-एक कर स्कूलों में बुलाकर राशन और कुकिंग कास्ट का पैसा दिया जाएगा। पहली से पांचवीं कक्षा तक 4.48 रुपये और छठी से आठवीं कक्षा तक 6.71 रुपये की दर से प्रति बच्चे को प्रतिदिन के हिसाब से कुकिंग कास्ट का भुगतान किया जाएगा। सभी स्कूल प्रभारियों को डिपो से राशन कोटा जल्द लेने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने बताया कि केंद्र सरकार के मानव विकास संसाधन मंत्रालय ने मिड-डे मील नियम 2015 के नियम नौ के तहत यह फैसला लिया है। नियम के मुताबिक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील देना अनिवार्य है। यह बच्चों का अधिकार भी है। ऐसे मेें केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार ने भी 31 मार्च तक बंद हुए स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को उनके कोटे का राशन देने का फैसला लिया है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने शुक्रवार को सभी जिला उपनिदेशकों को जारी किए पत्र में कहा है कि अभिभावकों को राशन का कोटा लेने के लिए इस प्रकार बुलाया जाए कि स्कूलों में भीड़ एकत्र न हो। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को प्रति दिन सौ ग्राम चावल और छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को प्रतिदिन 150 ग्राम चावल के हिसाब से 31 मार्च तक का राशन कोटा मुहैया करवाया जाएगा। अभिभावकों को दिए जाने वाले राशन की डिटेल भी स्कूलों में शिक्षकों को बनानी होगी। ब्लॉक प्रारंभिक अधिकारी को आवंटित किए गए राशन की जानकारी भी नियमित आधार पर उपलब्ध करवानी होगी।