हिमाचल प्रदेश में 17 नए मरीज भी सामने आए हैं। इनमें छह हमीरपुर, चार कांगड़ा जिले, ऊना चार और तीन सोलन के बीबीएन इलाके से आए हैं। इसके अलावा मंडी जिले के नगवाईं का एक 23 वर्षीय युवक (टैक्सी चालक) चंडीगढ़ में कोरोना पॉजिटिव निकला है। वहीं बद्दी में ढाबा चलाने वाला मोहाली में पॉजिटिव आया है।
हमीरपुर जिले में दिल्ली और जालंधर से लौटे नेरी के दो, कांगू, बड़सर, नादौन और तरेरी के एक-एक मरीज पॉजिटिव निकले हैं। कांगड़ा जिले में पॉजिटिव तीन दिल्ली से और एक गुरुग्राम से लौटा था, जो संस्थागत क्वारंटीन थे। चारों को डाढ़ शिफ्ट कर दिया है। इनमें एक देहरा उपमंडल के आगर गांव का, दूसरा मरीज पालमपुर उपमंडल के रामनगर का, दो लंबागांव के रहने वाले हैं।
उधर सोलन जिले के बीबीएन में यूपी से आई महिला जो पॉजिटिव निकली थी, उसके 11 साल के बेटे की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है, जबकि महिला के पति और उसकी 3 साल की बेटी की रिपोर्ट निगेटिव निकली है। इन्हें काठा अस्पताल में रखा है। सोलन जिले में भी देर शाम दो नए मामले आए हैं। दोनों दिल्ली से लौटे थे और बीबीएन स्थित रामशहर में क्वारंटीन थे। वहीं, ऊना जिले में भी देर शाम चार कोरोना पॉजिटिव मामले आए हैं। सभी मुंबई से लौटे थे और क्वारंटीन थे। डीसी ऊना संदीप कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा कि सभी कोरोना संक्रमित बंगाणा उपमंडल के हैं। प्रदेश में अब तक 313 कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं, जिनमें से 115 ठीक हो चुके हैं, जबकि 199 एक्टिव हैं। पांच की मौत हो चुकी है।
लापरवाही: रेड जोन से सीधे घर पहुंचा परिवार, गांववासियों में दहशत
वहीं, कोरोना वायरस से बचाव को लेकर प्रशासन के सारे दावे शुक्रवार को फेल हो गए। विकास खंड टौणीदेवी की ग्रामपंचायत दाड़ी के भमनोह गांव में राजस्थान के रेड जोन जयपुर से दो महिलाएं व दो बच्चे निजी वाहन से सीधे अपने घर पहुंच गए। इससे गांववासियों में दहशत फैल गई।
दरअसल, इस बारे में पंचायत प्रधान कुसुम चंदेल को इन लोगों ने पहले ही अपने आने की सूचना दी थी। प्रधान का कहना है कि उन्होंने भी प्रशासन को इस बारे में अवगत करवा रखा था। लेकिन प्रशासन और पंचायत प्रधान रेड जोन से आए लोगों को संस्थागत क्वारंटीन पहुंचाने में असफल रहे।
रेड जोन जयपुर से टैक्सी से शुक्रवार शाम को हमीरपुर पहुंची एक महिला, उसकी सास व दो बेटियां सीधे अपने घर पहुंच गईं। उपप्रधान मनोज कुमार ने प्रशासन से इस बारे में संपर्क साधा। लेकिन कोई हल नहीं निकला। फिर शनिवार सुबह 8 बजे से पंचायत प्रतिनिधि व गांववासी तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमना देवी, आशा वर्कर तृप्ता देवी, सेक्टर अधिकारी केके भारद्वाज व अवाहदेवी पुलिस चौकी के प्रभारी राजेश वर्मा सभी लोगों ने अपने उच्च अधिकारियों से इन्हें संस्थागत क्वारंटीन सेंटर भेजने के लिए संपर्क करते रहे।
लेकिन शनिवार दोपहर एक बजे तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद दोपहर दो बजे एंबुलेंस के माध्यम से संस्थागत क्वारंटीन सेंटर हमीरपुर भेजा गया। टौणीदेवी के तहसीलदार जोगिंद्र पटियाल ने कहा कि सभी को संस्थागत क्वारंटीन सेंटर हमीरपुर भेजा जा रहा है।