वहीं, नगर निगम के दो कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद निगम कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने स्वास्थ्य शाखा और अतिरिक्त आयुक्त के निजी सचिव कार्यालय को सील कर दिया है। स्वास्थ्य शाखा के सील होने से अब लोगों को सोमवार तक जन्म और मृत्यु संबंधी प्रमाणपत्र भी नहीं मिल पाएंगे। निगम प्रशासन के अनुसार अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज के निजी सचिव कोरोना पॉजीटिव पाए हैं। इनके संपर्क में आए अतिरिक्त आयुक्त के चालक और दो अन्य कर्मचारियों को होम क्वारंटीन कर दिया है।
हालांकि राहत यह है कि इन कर्मियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य शाखा में भी एक क्लर्क के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद शाखा को बंद कर यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को क्वारंटीन कर दिया है। शनिवार को भी शाखा का कामकाज ठप रहेगा। सोमवार को टेस्ट रिपोर्ट के बाद ही बाकी कर्मचारियों को काम पर आने की अनुमति दी जाएगी। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान ने कहा कि दो कर्मियों के पॉजिटिव आने के बाद एहतियात के तौर पर साथी कर्मचारियों को क्वारंटीन किया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी में सबसे ज्यादा कोरोना एक्टिव मामले हैं। यहां एक्टिव मामलों की संख्या 506 है। कांगड़ा में 439 और शिमला में 395 मामले हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने मंडी में सैंपल लेने की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ मुहैया करवाया गया है। हिमाचल में डेथ रेट 1.3 है। कांगड़ा में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि सरकार ने मंडी जिले पर फोकस किया है। यहां मामले लगातार बढ़ रहे हैं।